जरुरी जानकारी | भारत ने आईईए की पूर्ण सदस्यता के लिए बातचीत शुरू की

नयी दिल्ली, 14 फरवरी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ने बुधवार को कहा कि उसके सदस्य देशों के मंत्रियों ने एजेंसी का पूर्ण सदस्य बनने के भारत के आवेदन पर बातचीत शुरू कर दी है। पेरिस स्थित आईईए के सदस्य देशों की संख्या फिलहाल 31 है।

एजेंसी ने पेरिस में आईईए की मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद जारी बयान में कहा कि भारत के साथ बातचीत वैश्विक ऊर्जा और जलवायु चुनौतियों से निपटने में देश के ‘रणनीतिक महत्व’ की स्वीकृति है।

भारत वर्ष 2017 में एक सहयोगी सदस्य के रूप में आईईए का हिस्सा बना था। उसने अक्टूबर, 2023 में पूर्ण सदस्यता के लिए औपचारिक रूप से अनुरोध किया था।

आईईए ने कहा, ‘‘मंत्रियों ने वैश्विक ऊर्जा और जलवायु चुनौतियों से निपटने में भारत के 'रणनीतिक महत्व' को पहचाना है।’’

इस बैठक को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेन्स के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि भारत दुनिया में तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था है तथा सतत वृद्धि के लिए ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि यदि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी में बड़ी भूमिका निभाती है तो इससे संगठन को फायदा होगा।

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऊर्जा उपभोक्ता देश है। हालांकि वह मार्च 2017 में आईईए का सहयोगी सदस्य बना था लेकिन वह लंबे समय से एजेंसी के साथ जुड़ा हुआ है।

आईईए के सदस्य देशों की संख्या 31 है। इसमें आठ सहयोगी देश भी शामिल हैं। इनमें से चार देश चिली, कोलंबिया, इजराइल और लिथुआनिया पूर्ण सदस्यता की मांग कर रहे हैं।

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