जरुरी जानकारी | भारत ने मलेशिया, थाइलैंड, वियतनाम से तांबे की ट्यूब, पाइप के सस्ते आयात की जांच शुरू की

नयी दिल्ली, 29 सितंबर भारत ने घरेलू विनिर्माताओं से शिकायत मिलने के बाद मलेशिया, थाइलैंड और वियतनाम से एयर कंडीशन और रेफ्रीजिटर में इस्तेमाल होने वाली तांबे की ट्यूब और पाइप के सब्सडियुक्त आयात में कथित तेजी की जांच शुरू की है।

एक अधिसूचना में कहा गया है कि बांबे मेटल एक्सचेंज (बीएमई) ने व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) को इस संबंध में एक ज्ञापन दिया था। इसमें कहा गया था कि मलेशिया, थाइलैंड और वियतनाम से इन उत्पादों का आयात बढ़ने के कारण उनके घरेलू उत्पादन में भारी कमी आई है। बीएमई ने कहा कि इन देशों में तांबे की ट्यूब और पाइप के उत्पादकों को ‘‘सब्सिडी और दूसरे लाभ’’ उपलब्ध हैं, यही वजह है कि इनका आयात भारी मात्रा में हो रहा है।

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बीएमई देश में अलौह धातु व्यापार और उद्योग की शीर्ष संस्था है जो कि देश में तांबे की ट्यूब और पाइप के करीब 50 विनिर्माताओं का प्रतिनिधित्व करती है।

डीजीटीआर अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि निदेशालय को इस संबंध में सीमा शुल्क विभाग से पिछले चार साल के आयात आंकड़े भी उपलब्ध हुये हैं जिससे यह साबित होता है कि इस दौरान मुख्यतौर पर मलेशिया, थाइलैंड और वियतनाम से आयात में वृद्धि हुई है। देश में इन उत्पादों के कुल आयात में 90 प्रतिशत से आयात इन्हीं देशों से किया जाता है।

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अधिसूचना में कहा गया है कि इस स्थिति को देखते हुये प्राधिकरण प्रतिपूर्ति शुल्क जांच को शुरू करता है। यह जांच अप्रैल 2019 से लेकर मार्च 2020 की अवधि के दौरान किये गये आयात की होगी। इसमें 2016- 19 के आंकड़ों को भी कवर किया जायेगा।

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