नयी दिल्ली, नौ मार्च भारत और बांग्लादेश के सीमा सुरक्षा बल 4,096 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पड़ोसी देश के अपराधियों द्वारा बीएसएफ कर्मियों पर हमले की घटनाओं को ‘‘न्यूनतम करने’’ के लिए संयुक्त प्रयास करने पर शनिवार को सहमत हुए। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच महानिदेशक (डीजी) स्तर की द्वि-वार्षिक वार्ता चर्चा के संयुक्त रिकॉर्ड पर हस्ताक्षर के साथ ढाका में समाप्त हुई।
बीएसएफ महानिदेशक नितिन अग्रवाल के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ढाका के पिलखाना स्थित बीजीबी मुख्यालय में 5-9 मार्च के बीच आयोजित इस वार्ता के 54वें संस्करण के लिए बांग्लादेश की यात्रा की।
बीजीबी के डीजी मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमां सिद्दीकी ने बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
बीएसएफ के एक प्रवक्ता ने दिल्ली में कहा कि इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने उस एजेंडे को आगे बढ़ाया, जिसके लिए ‘‘दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने एक स्थायी और पारस्परिक रूप से लाभप्रद रिश्ते की नींव रखी थी।’’
प्रवक्ता ने कहा कि बांग्लादेश के अपराधियों और बदमाशों द्वारा बीएसएफ कर्मियों पर हमले की घटनाओं पर दोनों पक्ष विशेष रूप से देर रात से सुबह के दौरान समन्वित गश्त बढ़ाकर ऐसी घटनाओं को न्यूनतम करने के लिए संयुक्त प्रयास करने पर सहमत हुए।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘दोनों पक्ष मानव तस्करी के पीड़ितों की सहायता करने और देश के कानून के अनुसार जल्द से जल्द उनके बचाव और पुनर्वास की सुविधा प्रदान करने पर भी सहमत हुए।’’
प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देश भारत की ओर से छह विकास कार्यों और बांग्लादेश की ओर से इतने ही विकास कार्यों के स्वीकृत डिजाइन को साझा करने पर भी सहमत हुए।
उन्होंने कहा कि सद्भावना के तौर पर बीएसएफ ने सीमा पार स्थित तमाबिल और सिलहट में उस देश के शहीद स्वतंत्रता सेनानियों की 18 कब्रों के संरक्षण के निर्माण के बीजीबी प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की।
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