नयी दिल्ली, 20 जून भारत, आस्ट्रेलिया और फ्रांस ने क्षेत्र में चीन की वर्चस्व बढ़ाने संबंधी गतिविधियों के बीच स्वतंत्र, खुले, समावेशी और नियम आधारित हिंद-प्रशांत के लिए संयुक्त रूप से काम करने का संकल्प जताया।
राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को तीसरी ‘भारत फ्रांस ऑस्ट्रेलिया त्रिपक्षीय फोकल बिंदु’ बैठक में हिंद प्रशांत के समग्र हालात पर विस्तार से चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘ तीनों पक्षों ने त्रिपक्षीय सहयोग के तीन स्तंभों: समुद्री रक्षा एवं सुरक्षा, समुद्री एवं पर्यावरण सहयोग तथा बहुपक्षीय सहभागिता के अंतर्गत हुई प्रगति की समीक्षा की।’’
विदेश मंत्रालय ने कहा कि बैठक में त्रिपक्षीय सहयोग को और बढ़ाने के लिए नए प्रस्तावों पर चर्चा हुई जिसमें हिंद प्रशांत महासागर पहल (आईपीओआई) और हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (आईओआरए) व्यवस्था की रूपरेखा के तहत सहयोग शामिल है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा,‘‘ भारत, ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस ने अपने साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने और स्वतंत्र, खुले, समावेशी और नियम आधारित हिंद-प्रशांत के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।’’
तीन देशों की इस बैठक में भारतीय पक्ष का नेतृत्व संयुक्त सचिव (यूरोप पश्चिम) पीयूष श्रीवास्तव और विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (ओशिनिया और हिंद-प्रशांत) परमिता त्रिपाठी ने किया।
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