इंदौर (मध्यप्रदेश), 20 जुलाई केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेन्द्र यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि जी20 के अध्यक्ष के रूप में भारत ने इसके रोजगार कार्य समूह (ईडब्ल्यूजी) की विरासत को अपने अथक प्रयासों से मजबूत किया है।
यादव ने जी20 देशों के श्रम और रोजगार मंत्रियों की इंदौर में बृहस्पतिवार शाम से शुरू हुई बैठक के अध्यक्ष के तौर पर अपने स्वागत भाषण के दौरान यह बात कही। भारत के सबसे स्वच्छ शहर में चल रही यह बैठक शुक्रवार को खत्म होगी जिसमें 165 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक शुरू होने से पहले, ईडब्ल्यूजी की चौथी और आखिरी बैठक में चर्चा के लिए रखे गए विषयों पर परिणाम दस्तावेजों को अंतिम रूप दिया गया। कौशलों की वैश्विक कमी दूर करने के लिए रणनीति बनाने, स्वतंत्र रूप से अस्थायी कार्य और ऑनलाइन मंचों पर काम करने वाले कर्मियों (गिग और प्लेटफॉर्म कर्मचारी) को पर्याप्त और टिकाऊ सामाजिक सुरक्षा के साथ उचित रोजगार मुहैया करने और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को सतत वित्तपोषण प्रदान करने के विषयों पर मसौदा तैयार किया गया।
केंद्रीय मंत्री यादव ने मसौदे को अंतिम रूप देने की दिशा में जी20 देशों के साथ बढ़िया तालमेल के लिए ईडब्ल्यूजी को बधाई दी और उम्मीद जताई कि समूह निकट भविष्य में अपने प्रयासों को सुदृढ़ करने में सक्षम होगा।
उन्होंने प्रभावी नीति निर्धारण में नियोक्ता संघों और श्रमिक संगठनों की प्रमुख भूमिका को रेखांकित भी किया।
यादव ने श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक में ‘‘लेबर 20’’ और ‘‘बिजनेस 20’’ के साथ ही अंतरराष्ट्रीय नियोक्ता संगठन (आईओआई) की उपस्थिति की सराहना की। यादव ने इन इकाइयों से जुड़े लोगों के विचार जानने के प्रति उत्सुकता जताते हुए कहा कि उनके विचार श्रमिकों के खातिर टिकाऊ और समावेशी भविष्य की साझा दृष्टि विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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