जरुरी जानकारी | सस्ते आयात के बढ़ने से सरसों, मूंगफली, सोयाबीन जैसे देशी तेल तिलहन कीमतों में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. देश में सस्ते आयात और बेपरता कारोबार के बढ़ने से स्थानीय तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों, मूंगफली और सोयाबीन जैसे देशी तेल कीमतों में गिरावट दर्ज हुई । ऊंचे स्टॉक के बीच मांग कमजोर रहने से सीपीओ में भी गिरावट आई।

नयी दिल्ली, दो सितंबर देश में सस्ते आयात और बेपरता कारोबार के बढ़ने से स्थानीय तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों, मूंगफली और सोयाबीन जैसे देशी तेल कीमतों में गिरावट दर्ज हुई । ऊंचे स्टॉक के बीच मांग कमजोर रहने से सीपीओ में भी गिरावट आई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि वायदा कारोबार में सोयाबीन का भाव काफी नीचे चल रहा है। इसके नवंबर अनुबंध का भाव 3,870 रुपये क्विन्टल है जिसमें वारदाना, मंडीशुल्क व अन्य सारे खर्चे शामिल हैं जबकि सोयाबीन लूज का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सारे खर्चे समेत 3,880 रुपये प्रति क्विन्टल है। इस प्रकार सोयाबीन का भाव लगभग 3-4 प्रतिशत नीचे चल रहा है। इसके साथ सूरजमुखी, मूंगफली का भाव भी एमएसपी से काफी नीचे चल रहा है।

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उन्होंने कहा कि सस्ते आयात के कारण लगभग सभी देशी तेल तिलहनों के भाव दबाव में हैं।

उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में सुधार का रुख होने के बावजूद वहां पाम तेल के भारी स्टॉक होने और मांग कमजोर रहने से पामतेल कीमतों में गिरावट आई। जबकि पामोलीन तेल कीमतें अपरिवर्तित रहीं। सस्ते आयात से देशी तिलहन उत्पादक और तेल मिलें परेशान हैं। इसकी मुख्य वजह कुछ आयातकों का बेपरता कारोबार है जो बैंकों के पैसे से विदेशों से महंगा खरीदकर देश में सस्ते में बिकवाली कर रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि देश के तिलहन किसानों को आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करने और वास्तविक मायने में तिलहन उत्पादन के लिए देश को स्वाबलंबी बनाने के लिए इन बेपरता कारोबार करने वाले आयातकों पर नकेल कसे जाने की आवश्यकता है।

सूत्रों ने कहा कि सस्ते आयात के कारण भाव नीचे रहने से हर साल 25-30 प्रतिशत फसल बाजार में नहीं खप पाती और इनका स्टॉक किसानों के पास रह जाता है। यह स्थिति तब है जबकि देश अपनी खाद्यतेल जरुरत को पूरा करने के लिये 70 प्रतिशत आयात पर निर्भर है।

तेल-तिलहन बाजार के थोक भाव बुधवार को इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 5,365- 5,415 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 4,720- 4,770 रुपये।

वनस्पति घी- 965 - 1,070 रुपये प्रति टिन।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,225 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,795- 1,855 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,690 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,670 - 1,810 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,780 - 1,900 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,540 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,390 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 8,410 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला-7,620 से 7,670 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,500 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 9,150 रुपये।

पामोलीन कांडला- 8,340 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन डिलिवरी भाव 3,925- 3,975 लूज में 3,775 -- 3,800 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

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