देश की खबरें | कर्नाटक में एचएएल के रॉकेट इंजन विनिर्माण केंद्र का उद्घाटन

बेंगलुरु, 27 सितंबर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को यहां हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के एकीकृत क्रायोजेनिक इंजन विनिर्माण केंद्र (आईसीएमएफ) का उद्घाटन किया, जिससे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए एक ही स्थान पर रॉकेट इंजन का समस्त उत्पादन किया जा सकेगा।

केंद्र का निर्माण 4,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में किया गया है। यहां भारतीय रॉकेटों के क्रायोजेनिक (सीई20) और सेमी-क्रायोजेनिक (एसई2000) इंजनों के निर्माण के लिए 70 उन्नत उपकरण और परीक्षण केंद्र होंगे।

साल 2013 में, एचएएल की अंतरिक्ष विज्ञान डिवीजन में क्रायोजेनिक इंजन मॉड्यूल का विनिर्माण केंद्र स्थापित करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए थे और बाद में 2016 में इसमें संशोधन कर 208 करोड़ रुपये के निवेश के साथ आईसीएमएफ की स्थापना का लक्ष्य रखा गया।

कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ, एचएएल के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक सी. बी. अनंतकृष्णन समेत अन्य लोग इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

बेंगलुरु में स्थित एचएएल ने सोमवार को एक बयान में कहा कि विनिर्माण और ‘असेंबलिंग’ की आवश्यकता के लिए सभी महत्वपूर्ण उपकरणों को प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके अलावा निर्माण पूर्व गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं।

बयान में कहा गया है कि एचएएल मार्च 2023 तक मॉड्यूल पर काम करना शुरू कर देगा।

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