ताजा खबरें | सरकार ने पिछले दस साल में 24 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से निकाल कर उनके आंसू पोंछे : भाजपा
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. बजट में गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई प्रयास नहीं करने के विपक्ष के आरोपों को सिरे से नकारते हुए भाजपा के डॉ राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने पिछले दस साल में 24 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से निकाल कर उनके आंसू पोंछे हैं।
नयी दिल्ली, 24 जुलाई बजट में गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी दूर करने के लिए कोई प्रयास नहीं करने के विपक्ष के आरोपों को सिरे से नकारते हुए भाजपा के डॉ राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने पिछले दस साल में 24 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से निकाल कर उनके आंसू पोंछे हैं।
आम बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के डॉ. अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब 2014 में सरकार बनायी थी तो उनकी प्राथमिकता, गरीब, नौजवान, महिलाएं और किसान थे तथा अभी तक उनकी सरकार ने जो भी नीतियां एवं कार्यक्रम बनाये हैं, उनमें इन वर्गों को ध्यान में रखा गया है।
उन्होंने कहा कि पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम ने बजट चर्चा में भाग लेते हुए अर्थव्यवस्था के बारे में कई बातें कीं किंतु उन्हें यह बताना चाहिए कि देश में 65 साल तक उनकी पार्टी के शासन में देश की 53 प्रतिशत जनता ने बैंक का मुंह क्यों नहीं देखा। उन्होंने कहा कि इसी वर्ग को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनधन योजना शुरू की और करोड़ों लोगों को बैंक सुविधा से जोड़ा।
अग्रवाल ने कहा कि विपक्षी कांग्रेस को इस बात पर शर्म आनी चाहिए कि उन्होंने अपने शासन के 65 सालों में महिलाओं को कोई इज्जत नहीं दी और वे खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर थीं। उन्होंने कहा कि इसके लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया जाना चाहिए कि उन्होंने स्वच्छता अभियान शुरू कर देश की महिलाओं को सम्मान प्रदान किया।
उन्होंने जलजीवन मिशन, आयुष्मान भारत योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने देश के विकास के लिए बहुत सारी पहल कीं जिसका अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। उन्होंने रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर की इस वर्ष मई में आयी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था कोविड महामारी के बाद बहुत तेजी से उभरी है।
अग्रवाल ने रोजगार का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्व वित्त मंत्री और उनकी सरकार रिजर्व बैंक के गवर्नर को नियुक्त करती थी किंतु आज वह रिजर्व बैंक की बात नहीं मान रही है, ईपीएफओ की बात नहीं मान रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया ईपीएफओ के आंकड़ों को मानती है, सीएमई के फर्जी आंकड़ों को नहीं मानती है।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले हर पांच साल पर रोजगार के आंकड़ों की गणना होती थी किंतु मोदी सरकार ने इस गणना को प्रत्येक 30 महीने में कराने का निर्णय किया है।
भाजपा सदस्य ने स्टैंडर्ड एवं पुअर की रिपोर्ट में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना की सराहना करते हुए कहा कि इसका लाभ अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मिला। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के अंतिम वर्ष में राजकोषीय घाटा 10 प्रतिशत से ऊपर चला गया था जिसे मोदी सरकार ने बहुत नीचे लाकर दिखाया है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को यह नहीं भूलना चाहिए कि 1991 में न केवल दो बार भारत की मुद्रा का अवमूल्यन किया गया बल्कि चोरी से भारत का 67 टन सोना भी गिरवी रखा गया। उन्होंने कहा कि दूसरी तरफ मोदी सरकार है जिसने 100 टन सोना विदेश से वापस मंगवाया।
अग्रवाल ने कहा कि जहां इस समय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की तुलना में भारत का ऋण विश्व के सभी प्रमुख देशों की तुलना में बहुत कम है, वहीं देश में नागरिकों पर लगाये जाने वाले आयकर की दर भी बहुत नीची है।
उन्होंने कहा कि पिछले दस साल में 24 करोड़ दस लाख लोगों को गरीबी रेखा से न केवल ऊपर उठाया गया बल्कि उन्हें तमाम तरह की सामाजिक एवं मूलभूत सुविधाएं प्रदान की गईं । उन्होंने कहा कि सरकार ने इन 24 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से निकाल कर उनके आंसू पोंछे हैं।
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