रांची, 23 फरवरी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनशोधन के एक मामले में झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग के एक मुख्य अभियंता को गिरफ्तार करने के बाद बृहस्पतिवार को एक स्थानीय अदालत में कहा कि राज्य में "उच्च पदस्थ" अधिकारियों और नेताओं की "सांठगांठ" है और उन्हें विभिन्न परियोजनाओं के लिए निजी कंपनियों को निविदाएं देने को लेकर भारी मात्रा में कमीशन प्राप्त होता है।
ईडी ने कल देर रात वीरेंद्र कुमार राम (56) को यहां अपने कार्यालय में लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
यहां की विशेष धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने उन्हें पांच दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया।
एजेंसी ने झारखंड भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की एक प्राथमिकी के आधार पर सितंबर 2020 में धनशोधन की शिकायत दर्ज की थी और पिछले दिनों उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट मुकेश मित्तल और उनके सहयोगियों के परिसरों पर छापा मारा था।
राम राज्य के जल संसाधन विभाग में इंजीनियर हैं और ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता के रूप में प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं।
ईडी ने अदालत से कहा कि राम और उनके परिवार के बैंक खातों के विश्लेषण से पता चला है कि उनकी आय के कानूनी स्रोत से कहीं अधिक राशि जमा करायी गयी है।
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