जरुरी जानकारी | हाजिर मांग बढ़ने से तेल तिलहन कीमतों में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. हाजिर मांग में आई तेजी की वजह से देश के तेल-तिलहन बाजारों में शुक्रवार को सोयाबीन, सरसों तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतें लाभ में रही जबकि ऊंचे भाव पर मांग प्रभावित रहने से मूंगफली तेल- तिलहन अपरिवर्तित रहे।

नयी दिल्ली, 19 जनवरी हाजिर मांग में आई तेजी की वजह से देश के तेल-तिलहन बाजारों में शुक्रवार को सोयाबीन, सरसों तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतें लाभ में रही जबकि ऊंचे भाव पर मांग प्रभावित रहने से मूंगफली तेल- तिलहन अपरिवर्तित रहे।

बाजार सूत्रों ने कहा कि शिकॉगो एक्सचेंज में सुधार का रुख है। मलेशिया एक्सचेंज में भी साढ़े तीन बजे तेजी थी और यहां शाम का कारोबार बंद है। शिकागो में सोयाबीन तिलहन, डीआयल्ड केक (डीओसी) और सोयाबीन तेल दोनों के दाम में सुधार दिखा।

उन्होंने कहा कि विदेशों में बाजार मजबूत होने तथा पश्चिम एशिया में तनाव और लालसागर मार्ग से परिवहन व्यवधान की वजह से आयात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए खाद्यतेल कीमतों में सुधार है।

वैसे देश में सूरजमुखी और सोयाबीन जैसे नरम तेल (सॉफ्ट आयल) का आयात भी कम हुआ है। जो सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पहले लागत से कम कीमत पर बंदरगाहों पर बिका करता था वह अब प्रीमियम के साथ बेचा ज रहा है। यह बताता है कि खाद्यतेलों का आयात कम हुआ है। बाजार की हाजिर मांग से ही बाजार में सुधार हो रहा है।

कारोबारियों की आर्थिक हालत ऐसी नहीं रह गई है कि वह खाद्य तेलों का स्टॉक जमा रख सकें। यही कारोबारी पहले कांडला पर हजारों टन खाद्यतेल की खरीद कर स्टॉक बना लेते थे। दूसरी ओर बेकरी वालों की सीपीओ की मांग के कारण सीपीओ और पामोलीन के दाम में सुधार है। सीपीओ और पामोलीन तेल के आने में परिवहन संबंधी कोई व्यवधान नहीं है और माल आने में भी 10-15 दिन ही लगते हैं।

सूत्रों ने कहा कि सरसों में जो सुधार दिख रहा है वह तात्कालिक कहा जा सकता है। देश की मंडियों में 15 फरवरी के आसपास सरसों की नयी फसल आना शुरु होगी जिसकी अच्छी पैदावार रहने की संभावना है लेकिन चिंता यह है कि जब पहले के सरसों नहीं खपे हैं तो नयी फसल कहां से खपेगी।

सरसों का दाम सोयाबीन (कांडला बंदरगाह पर 82 रुपये किलो) तेल के दाम से कम रहने पर ही बिक सकता है। लेकिन ऐसी संभावना नजर नहीं आ रही कि किसान कम कीमत पर अपनी सरसों बेचने को राजी हों। मौजूदा परिस्थिति में सरसों खपने को लेकर चिंता बनी हुई है।

शुक्रवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,370-5,420 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,550-6,625 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,310-2,585 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,880 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,690 -1,785 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,690 -1,790 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,050 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,525 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,150 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,450 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,945-4,975 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,755-4,795 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,050 रुपये प्रति क्विंटल।

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