जरुरी जानकारी | सरसों, मूंगफली तेल तिलहन कीमतों में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. खाद्यतेलों की कम आपूर्ति के बीच दिल्ली के तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सरसों और मूंगफली तेल तिलहन के दाम मजबूत रहे। जबकि विदेशों में डीओसी के निर्यात के कमजोर दाम के कारण सोयाबीन तिलहन कीमतों में गिरावट रही। सोयाबीन तेल, कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुई।
नयी दिल्ली, दो मार्च खाद्यतेलों की कम आपूर्ति के बीच दिल्ली के तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सरसों और मूंगफली तेल तिलहन के दाम मजबूत रहे। जबकि विदेशों में डीओसी के निर्यात के कमजोर दाम के कारण सोयाबीन तिलहन कीमतों में गिरावट रही। सोयाबीन तेल, कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बंद हुई।
बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि शुक्रवार के मुकाबले सरसों और मूंगफली तेल कीमतों में सुधार है लेकिन वस्तुस्थिति देखें तो ये सरसों तिलहन अपने नये न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से 12-14 प्रतिशत नीचे दाम पर बाजार में बिक रहा है। सरसों का नया एमएसपी है- 5,650 रुपये क्विन्टल लेकिन इसका बाजार भाव 4,800-4,950 रुपये क्विन्टल ही है। दूसरी ओर मिल वालों को मूंगफली तिलहन के दाम ऊंचे भाव पर खरीदना पड़ रहा है। पेराई के बाद तेल महंगा होने से इसकी लिवाली कमजोर है और खपना मुश्किल हो रहा है। इस द्वन्द्व में तिलहन के ऊंचे दाम के समान मूंगफली तेल तिलहन के दाम भी ऊंचा बोले जा रहे हैं जिससे मूंगफली तेल तिलहन में भी सुधार है।
दूसरी ओर, स्थानीय बाजार में सोयाबीन डीओसी की खपत की स्थिति कमजोर है और विदेशों में डीओसी के कम बैठते हैं। सोयाबीन से 82 प्रतिशत के लगभग डी-आयल्ड केक (डीओसी) निकलता है। विदेशों में डीओसी के दाम कम रहने के कारण सोयाबीन तिलहन में गिरावट आई। सूत्रों ने कहा कि सरकार को सोयाबीन डीओसी निर्यात को बढ़ाने के लिए 15-20 प्रतिशत की सब्सिडी देनी चाहिये। यह काम सरसों, चावल भूसी फसल के लिए भी किसा जाना चाहिये जिससे देश में खाद्य तेलों की उपलब्धता की स्थिति में भी सुधार होगा और किसानों के माल भी खप जायेंगे।
सोयाबीन डीगम की कम उपलब्धता और सोयाबीन से महंगा होने के कारण पामोलीन का आयात कम होने की स्थिति के बीच सोयाबीन तेल, सीपीओ एवं पामोलीन के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे। बिनौला तेल के दाम भी पूर्वस्तर पर बंद हुए।
सूत्रों ने कहा कि हरियाणा में 15 मार्च के लगभग सरसों की फसल आती है लेकिन प्रदेश सरकार ने 28 फरवरी को ही सरसों खरीद के संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी है। उन्होंने कहा कि यही काम मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश जैसे अन्य सरसों उत्पादक राज्यों मे की जानी चाहिये।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 5,350-5390 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 6,075-6,350 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,850 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल 2,225-2,500 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 10,125 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,720-1,820 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,720 -1,825 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,475 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,025 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,800 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,600 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,150 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,825 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 8,825 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,590-4,610 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,390-4,430 रुपये प्रति क्विंटल।
मक्का खल (सरिस्का)- 4,050 रुपये प्रति क्विंटल।
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