देश की खबरें | सभी शवदाह गृहों में एक समान दर लागू करें : दिल्ली नगर निगम

नयी दिल्ली, 13 सितंबर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने अपने अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले शवदाह गृहों में अंत्येष्टि से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के लिए एक समान दर लागू करने का आदेश दिया है। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई।

नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अंत्येष्टि से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों के लिए दरें सक्षम प्राधिकार से अनुमति के बाद घटा दी गई हैं।

संशोधित दरों के अनुसार, शव दाह के लिए 700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लकड़ी मिलेगी, जबकि सीएनजी से शवदाह के लिए 1,500 रुपये, विद्युत आधारित अंत्येष्टि के लिए 500 रुपये का भुगतान करना होगा। अंत्येष्टि की रस्म के लिए पंडित को 500 रुपये देने होंगे, अस्थियां लेने की दर 350 रुपये होगी। वहीं, बच्चे का शव दफन करने के लिए 300 रुपये और रखरखाव शुल्क के रूप में 150 रुपये लिया जाएगा।

एमसीडी के अधिकार क्षेत्र वाले इलाके से, मृतक का शव लाने के लिए 500 रुपये और नगर निगम के अधिकार क्षेत्र से बाहर के इलाके से लाने के लिए 800 रुपये लिये जाएंगे।

इन सेवाओं के लिए पहले भी दरें तय की गई थीं।

अधिकारी ने कहा कि हालांकि, नगर निकाय को निर्धारित राशि से अधिक रकम वसूले जाने की शिकायतें मिली थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘इन शिकायतों पर गौर करते हुए एमसीडी ने शवदाह गृहों में अंत्येष्टि से जुड़ी गतिविधियों के लिए निर्धारित दरें सख्ती से लागू करने का आदेश जारी किया।’’

अधिकारी ने बताया कि नगर निकाय के प्रत्येक शवदाह गृह के बाहर संशोधित दरों वाला एक बोर्ड लगाया गया है और वहां संचालन के प्रभारी गैर सरकारी संगठनों को दरों को सख्ती से लागू करने को कहा गया है।

ग्यारह सितंबर को जारी आदेश के अनुसार, ‘‘गृह मंत्रालय की अधिसूचना दिनांक 18/05/2022 के अनुसार 22/05/2022 से पूर्ववर्ती नगर निगमों के एकीकरण के मद्देनजर और एकरूपता लाने के लिए, दिल्ली नगर निगम के अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले शवदाह गृहों में (अत्येष्टि की) विभिन्न गतिविधियों से संबंधित दरों का निर्धारण किया गया है।’’

हिंदुओं के लिए, एमसीडी के लकड़ी आधारित करीब 42 शवदाह गृह हैं, सीएनजी और विद्युत चालित 11 शवदाह गृह हैं। छह श्मशान घाट बच्चों के लिए हैं। वहीं, नौ कब्रिस्तान मुसलमानों के लिए और चार ईसाइयों के लिए हैं। उनका संचालन उन गैर सरकारी संगठनों द्वारा किया जा रहा है जिन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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