विदेश की खबरें | चीन के सुरक्षा कानून के बाद हांगकांग में आव्रजन संबंधी पूछताछ में काफी वृद्धि

बीजिंग/ हांगकांग, 31 मई हांगकांग पर अपना नियंत्रण कड़ा करने के लिए चीन द्वारा घोषित राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के कारण हांगकांग में आव्रजन संबंधी पूछताछ में काफी वृद्धि हुई है। खासकर ऐसे लोगों ने सबसे अधिक संख्या में पूछताछ की, जिन्होंने ब्रिटिश उपनिवेश से आजाद होने के बाद वर्ष 1997 में दोबारा चीन के नियंत्रण में आने पर शहर में वापसी की थी।

हांगकांग आधारित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने रविवार को खबर दी कि चीन की संसद द्वारा 21 मई को विवादित कानून की योजना सामने आने के बाद से ही आव्रजन सलाहकारों के पास रोजाना सैकड़ों कॉल आ रही हैं।

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चीन की संसद ने गत बृहस्पतिवार को हांगकांग के लिए एक नए विवादास्पद सुरक्षा कानून को मंजूरी दे दी जिससे पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश में बीजिंग के अधिकार को कमजोर करना अपराध हो जाएगा।

इस नए कानून से चीनी सुरक्षा एजेंसियां पहली बार हांगकांग में अपने प्रतिष्ठान खोल सकती हैं।

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इसके बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हांगकांग को दिए गए विशेष दर्जे की छूट को वापस लेने का कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा।

आलोचकों को डर है कि इस कानून से बीजिंग में नेतृत्व पर सवाल उठाने, प्रदर्शन में शामिल होने और स्थानीय कानून के तहत अपने मौजूदा अधिकारों का उपयोग करने के लिए हांगकांग निवासियों पर मुकदमा चलाया जा सकता है।

चीन के इस कदम से हांगकांग में प्रदर्शनों का नया दौर शुरू हो गया है।

ऐसे में अमेरिका-चीन के बीच बढ़ती तनातनी और प्रदर्शनों के मद्देनजर शहर के निवासियों, खासकर अमीर लोगों ने अन्य देशों में अपना ठिकाना तलाशना शुरू कर दिया है।

हांगकांग की एक आव्रजन सलाहकार फर्म का कहना है कि विदेश में संपत्ति खरीदने के बाबत पूछताछ करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

फर्म एनलेक्स के कार्यकारी अधिकारी एंड्रयू ने कहा, '' प्रस्ताव के एक दिन बाद हमारे पास पूछताछ के लिए सैकड़ों लोगों के फोन आए। लोग जल्दी में हैं और वे जानना चाहते थे कि क्या वे अगले ही दिन रवाना हो सकते हैं।''

एक अन्य फर्म के अधिकारी ने कहा कि पहले अधिकतर लोग सामान्य पूछताछ में ही हमें उलझाए रखते थे लेकिन अब वे पैसे जमा करने को तैयार दिखाई दे रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि 1997 में इसे चीन को ‘एक देश, दो विधान’ के तहत सौंपा गया था और उसके अंतर्गत हांगकांग को 50 वर्ष के लिए उसके राजनीतिक, कानूनी, सामाजिक संस्थानों को गारंटी दी गई थी।

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