नयी दिल्ली, 17 मार्च भारत और न्यूजीलैंड के बीच घनिष्ठ एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों का हवाला देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को कहा कि दोनों देशों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का स्वागत करते हुए उन्होंने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों के विकास पर संतोष व्यक्त किया, जिसमें सीमा शुल्क, बागवानी, वानिकी, आपदा प्रबंधन और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र शामिल हैं।
लक्सन और उनके प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में मुर्मू से मुलाकात की।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच घनिष्ठ और मैत्रीपूर्ण संबंध हैं जो लोकतंत्र, कानून के शासन और दोनों देशों की जनता के स्तर पर मजबूत संबंधों में निहित साझा मूल्यों पर आधारित हैं।
मुर्मू ने संस्थागत आदान-प्रदान, भारत में न्यूजीलैंड के विश्वविद्यालयों द्वारा परिसरों की स्थापना और दोहरी डिग्री के माध्यम से दोनों देशों के बीच शैक्षिक सहयोग बढ़ाने की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
राष्ट्रपति ने न्यूजीलैंड की प्रगति में प्रतिभाशाली और मेहनती भारतीय समुदाय के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।
राष्ट्रपति मुर्मू ने पिछले वर्ष अगस्त में न्यूजीलैंड की अपनी राजकीय यात्रा की यादें ताजा कीं और कहा कि न्यूजीलैंड के लोगों की सांस्कृतिक विविधता ने उनके मन पर अमिट छाप छोड़ी है।
दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि अगस्त 2024 में राष्ट्रपति की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा और लक्सन की यात्रा के दौरान सोमवार को घोषित महत्वपूर्ण परिणाम भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी को सकारात्मक गति प्रदान करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लक्सन के बीच वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने शिक्षा, खेल, कृषि और जलवायु परिवर्तन सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए तथा रक्षा उद्योग क्षेत्र में सहयोग के लिए रोडमैप तैयार करने का निर्णय लिया।
लक्सन रविवार को पांच दिवसीय यात्रा पर नयी दिल्ली पहुंचे। उनकी इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच गहरे आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना है।
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