जरुरी जानकारी | आईएमएफ ने 2025 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि का अनुमान बढ़ाया

आईएमएफ ने साल 2025 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर तीन प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है जो 2024 के 3.3 प्रतिशत के आंकड़े से कम होने के बावजूद इस साल अप्रैल के 2.8 प्रतिशत पूर्वानुमान से अधिक है।

वर्ष 2026 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 3.1 प्रतिशत रहने की संभावना है।

आईएमएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था के 2025 और उसके अगले साल 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान जताया है। इस तरह भारत एक बार फिर सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री पियरे-ओलिवर गोरिन्शास ने कहा, “व्यापार से जुड़े तनाव में मामूली कमी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति को अब तक संभाल रखा है। हालांकि, यह स्थायित्व स्थिर नहीं है।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो अप्रैल को अधिकांश देशों से होने वाले आयात पर 10 प्रतिशत या उससे अधिक के शुल्क लगाए थे। हालांकि, कुछ बड़े शुल्कों को बाद में स्थगित कर दिया गया, जिससे वैश्विक व्यापार पर उनका प्रभाव सीमित रहा।

इसके बावजूद विश्व अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर का करीब तीन प्रतिशत रहने का अनुमान कोविड-पूर्व के औसत से कम है। यह दर्शाता है कि ट्रंप के शुल्क कदमों के बगैर विश्व अर्थव्यवस्था कहीं अधिक तेजी से बढ़ती।

इस बीच, मुद्राकोष ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था के वृद्धि अनुमान को संशोधित कर 1.9 प्रतिशत कर दिया है जबकि 2026 में इसकी दर दो प्रतिशत रह सकती है।

दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था चीन की वृद्धि दर अब 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो अप्रैल के चार प्रतिशत अनुमान से बेहतर है।

यूरोप के 20 देशों के समूह की वृद्धि दर इस साल सिर्फ एक प्रतिशत तक सीमित रह सकती है।

आईएमएफ ने 2025 में वैश्विक व्यापार वृद्धि का अनुमान 2.6 प्रतिशत कर दिया है, जो अप्रैल के 1.7 प्रतिशत पूर्वानुमान से अधिक है। हालांकि, अगले वर्ष यह घटकर 1.9 प्रतिशत रह सकती है।

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