नयी दिल्ली, पांच मई अधिकारियों ने अवैध रूप से निर्मित उन संरचनाओं को सोमवार को ध्वस्त करना शुरू कर दिया, जो कथित तौर पर दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में तैमूर नगर नाले के जीर्णोद्धार में बाधा डाल रहे थे।
यह कार्रवाई दिल्ली उच्च न्यायालय के 28 अप्रैल के आदेश के बाद की गई है, जिसमें दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को नाले के जीर्णोद्धार को निर्बाध रूप से सुनिश्चित करने के लिए पांच मई को विध्वंस शुरू करने का निर्देश दिया गया था।
तैमूर नगर के निवासी कुणाल कुमार ने दावा किया कि 100 से अधिक घरों को ध्वस्त किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि निवासियों को 26 अप्रैल को बेदखली के नोटिस मिले थे।
करीब 40 साल से वहां रहने वाले एक अन्य निवासी ने वैकल्पिक आवास की कमी के बारे में चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि इन झुग्गियों को हटाया जाना था, तो अधिकारियों को पहले कार्रवाई करनी चाहिए थी या हमें यहां निर्माण न करने की चेतावनी देनी चाहिए थी। हम चार दशकों से यहां रह रहे हैं, अब हम अपने परिवार के साथ कहां जाएं?’’
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह और न्यायमूर्ति मनमीत पी एस अरोड़ा की पीठ ने गाद निकालने के काम को पूरा करने और नाले से कचरा साफ करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि विध्वंस के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
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