जरुरी जानकारी | देश को इलेक्ट्रॉनिक केंद्र बनाने के मिशन के तहत आईआईटी-एम ने पाठ्यक्रम शुरू किया

चेन्नई, सात जून भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-मद्रास (आईआईटी-एम) ने देश को इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए बुधवार को यहां केंद्र सरकार के मिशन के अनुरूप तैयार किए गए इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों पर चार साल के पाठ्यक्रम का अनावरण किया।

अधिकारियों ने बताया कि पूर्णकालिक पाठ्यक्रम के तहत विद्यार्थी इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, रक्षा और वाहन जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं।

आईआईटी-एम में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर एंड्रयू तंगराज ने कहा कि भारत में ज्यादातर पाठ्यक्रम सेवाक्षेत्र को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सैमसंग जैसी कंपनियों के पास अपने उपकरण हैं लेकिन वह भारत सहित अन्य देशों से सेवा लेती हैं।

तंगराज ने कहा, “इस कार्यक्रम का लक्ष्य अपने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अन्य देशों से आयात करने के बजाय अपने ही देश में तैयार करना है।”

यह कार्यक्रम देश के सेमीकंडक्टर मिशन से जुड़ा हुआ है, जिसमें भारत को इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण और डिजायन में वैश्विक केंद्र बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)