प्रयागराज, छह नवंबर उर्वरक क्षेत्र में सहकारिता की दिग्गज इफ्को के प्रबंध निदेशक डॉ. यू.एस. अवस्थी ने शुक्रवार को उम्मीद जताई कि आवला और फूलपुर स्थित इफ्को संयंत्रों में नैनो नाइट्रोजन का उत्पादन अक्टूबर, 2021 में शुरू हो जाएगा।
यहां फूलपुर में इफ्को के डिजिटल दौरे के दौरान अवस्थी ने संवाददाताओं को बताया कि नैनो नाइट्रोजन की 500 मिलीलीटर की बोतल एक बोरी यूरिया का स्थान लेगी।
उन्होंने बताया कि इफ्को ने देशभर में 84 फसलों पर 9,000 बोतल नैनो नाइट्रोजन के परीक्षण कराए हैं और हर जगह इसके सकारात्मक परिणाम आए हैं।
उन्होंने बताया कि जैव प्रौद्योगिकी विभाग की प्रयोगशालाओं में इसकी जांच की गई और पाया गया कि यह विष रहित है और खाद्य उत्पाद भी विष रहित है।
अवस्थी ने कहा कि उम्मीद है कि एक-दो दिन में भारत सरकार के फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर में इसे शामिल कर लिया जाएगा।
अवस्थी ने बताया, ‘‘नैनो नाइट्रोजन, यूरिया के मुकाबले थोड़ा सस्ता होगा क्योंकि एक बोरी यूरिया का दाम 266 रुपये है, जबकि एक बोतल नैनो नाइट्रोजन का दाम अधिकतम 240 रुपये होगा। वहीं उत्पादन छह प्रतिशत अधिक होगा।’’
उन्होंने बताया कि भारत सरकार को इससे सब्सिडी के मद में 24,000 करोड़ रुपये की बचत होगी।
उन्होंने बताया कि इफ्को लंबे समय से रसायन उर्वरक की खपत घटाने पर काम करता रहा है और अंततः इसने नैनो नाइट्रोजन के रूप में सफलता हासिल कर ली है और यूरिया का विकल्प निकाल लिया है।
अवस्थी ने कहा कि इस विकल्प से देश की मिट्टी भी स्वस्थ होगी और सब्सिडी का भार भी कम होगा।
प्रबंध निदेशक ने बताया कि फूलपुर इकाई में नैनो नाइट्रोजन के संयंत्र पर करीब 150 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इफ्को ने तीन नवंबर, 2019 को नैनो नाइट्रोजन को कलोल में लांच किया था और अप्रैल, 2021 में कलोल में इसका उत्पादन शुरू होने की संभावना है।
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