देश में लोकतंत्र और सामाजिक न्याय चाहते हैं तो ‘इंडिया’ गठबंधन को वोट दें: स्टालिन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर शुक्रवार को निशाना साधा और यहां के लोगों से अपील की कि अगर वे देश में लोकतंत्र न सामाजिक न्याय चाहते हैं तो वे विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को वोट दें.
धर्मपुरी (तमिलनाडु), 29 मार्च : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर शुक्रवार को निशाना साधा और यहां के लोगों से अपील की कि अगर वे देश में लोकतंत्र न सामाजिक न्याय चाहते हैं तो वे विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को वोट दें. केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण की आलोचना करते हुए स्टालिन ने कहा कि अगर लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त धन नहीं होने का उनका दावा सच है, तो सवाल यह है कि चुनावी बॉण्ड के माध्यम से भाजपा को मिली राशि का क्या हुआ.
उन्होंने कहा, “मैडम, अगर आप चुनाव लड़ना चाहती हैं तो आपको लोगों से मिलना चाहिए और लोगों के कल्याण के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए. चूंकि आप नतीजे जानती हैं कि लोग आपको वोट नहीं देंगे, इसलिए आपने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है.” हाल ही में नयी दिल्ली में एक कार्यक्रम में सीतारमण ने कहा था कि उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए भाजपा के प्रस्ताव को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया था कि उनके पास चुनाव लड़ने के लिए आवश्यक "उस तरह का धन" नहीं है. यह भी पढ़ें : Mukhtar Ansari Funeral: मुख्तार अंसारी को आज किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक, अंतिम संस्कार से पहले उनके गाजीपुर आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई- VIDEO
धर्मपुरी से द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के उम्मीदवार ए. मणि और कृष्णागिरी निर्वाचन क्षेत्र के लिए कांग्रेस उम्मीदवार गोपीनाथ के लिए चुनाव प्रचार करते हुए स्टालिन ने कहा कि देश में लोकतंत्र व सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए लोगों को ‘इंडिया’ गठबंधन को वोट देना चाहिए. उन्होंने कहा, "आगामी चुनाव भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण चुनाव है. अब केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा के बोरिया-बिस्तर बांधने का समय आ गया है."
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 30, 2024 12:52 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

