देश की खबरें | अगर पन्नीरसेल्वम चाहते हैं कि अन्नाद्रमुक मजबूत हो तो उन्हें अदालत नहीं जाना चाहिए: पार्टी नेता

चेन्नई, 15 फरवरी अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता वी वी राजन चेल्लप्पा ने कहा है कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम चाहते हैं कि पार्टी मजबूत हो तो उन्हें अगले छह महीने तक चुप रहना चाहिए और दल के आंतरिक मामलों को लेकर अदालतों का रुख करने से बचना चाहिए।

थिरुपरनकुंद्रम से विधायक चेल्लप्पा पार्टी के आयोजन संबंधी सचिवों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि पन्नीरसेल्वम को अन्नाद्रमुक के लिए कोई बाधा पैदा नहीं करनी चाहिए।

चेल्लप्पा ने कहा, “तभी, हम अपने महासचिव ई. के. पलानीस्वामी से बात करेंगे और उनके पार्टी में शामिल होने के लिए कदम उठाएंगे। वह लगातार मुकदमे दायर करके और पार्टी की एकता के बारे में बात करके अन्नाद्रमुक के लिए विभिन्न बाधाएं पैदा कर रहे हैं।”

पार्टी महासचिव जे. जयललिता के निधन के बाद ई. के पलानीस्वामी के साथ पार्टी के ‘समन्वयक’ बने पन्नीरसेल्वम को 2022 में अकेले पलामीस्वामी को पार्टी प्रमुख बनाए जाने का विरोध करने पर निष्कासित कर दिया गया था।

हाल ही में, पन्नीरसेल्वम ने कहा था कि वह अन्नाद्रमुक में लौटने के इच्छुक हैं, लेकिन पार्टी में सर्वोच्च पद महासचिव का चुनाव कार्यकर्ताओं द्वारा किया जाए।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चेल्लप्पा ने पन्नीरसेल्वम के दृष्टिकोण की आलोचना की। उन्होंने कहा, ''वरिष्ठ नेताओं के लिए इस तरह का व्यवहार करना ठीक नहीं है।''

मदुरै में पत्रकारों से चेलप्पा ने कहा कि 2026 में अन्नाद्रमुक का भविष्य उज्ज्वल है और जब पार्टी में दोहरा नेतृत्व (पलानीस्वामी और पन्नीरसेल्वम) था, तब उसने जीत दर्ज नहीं की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अब, एकल नेतृत्व में, हमने नयी ऊंचाइयों तक पहुंचने और 2026 का विधानसभा चुनाव जीतने के लिए अपनी यात्रा शुरू कर दी है।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)