लोंगेवाला/जैसलमेर (राजस्थान), 14 नवम्बर भारत के दुश्मनों को स्पष्ट संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि अगर भारत को आजमाया गया तो ‘‘प्रचंड जवाब’’ दिया जायेगा।
मोदी 2014 में पदभार संभालने के बाद से ही हर दिवाली जवानों के साथ मनाते आये हैं। इस बार वह जवानों के साथ दिवाली मनाने के लिए लोंगेवाला चौकी आये।
अग्रिम चौकी, जो वर्ष 1971 की लड़ाई में संख्या के हिसाब से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों को भारतीय सैनिकों द्वारा धूल चटाने की वजह से सैन्य किवदंती बन चुकी है, पर जवानों को संबोधित करते हुए मोदी ने नाम लिये बगैर चीन पर निशाना साधा और कहा कि आज पूरा विश्व ‘‘विस्तारवादी’’ ताकतों से परेशान है। विस्तारवाद, एक तरह से ‘‘मानसिक विकृति’’ है और 18वीं शताब्दी की सोच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विस्तारवादी ताकतों के खिलाफ भारत प्रखर आवाज बन चुका है।
प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आज भारत आतंकियों और उनके आकाओं को उनके घर में घुसकर मारता है। इसे पड़ोसी देश में आतंकवादी शिविरों के खिलाफ हवाई और सर्जिकल स्ट्राइक के संदर्भ में देखा जा रहा है।
उन्होंने पूर्वी लद्दाख में सीमा पर चीन के साथ जारी गतिरोध के बीच कहा, ‘‘दुनिया की कोई भी ताकत हमारे वीर जवानों को देश की सीमा की सुरक्षा करने से रोक नहीं सकती है। आज दुनिया ये जान रही है, समझ रही है कि यह देश अपने हितों से किसी भी कीमत पर रत्ती भर भी समझौता करने वाला नहीं है।’’
मोदी ने कहा कि भारत दूसरों को समझने और उनके साथ आपसी समझ बनाने की नीति में विश्वास करता है लेकिन अगर उसे आजमाने की कोशिश की जाती है, तो इसका प्रचंड जवाब दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि उसे चुनौती देने वालों को करारा जवाब देने के लिए भारत में ताकत और राजनीतिक इच्छाशक्ति है।
प्रधानमंत्री ने मजबूत क्षमता होने के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भले ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग कितना ही आगे क्यों न बढ़ गया हो, समीकरण कितने ही बदल क्यों न गए हों, लेकिन हम कभी नहीं भूल सकते कि सतर्कता ही सुरक्षा की राह है, सजगता ही सुख-चैन का संबल है और सक्षमता से ही शांति का पुरस्कार है।
उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया का इतिहास हमें ये बताता है कि केवल वही राष्ट्र सुरक्षित रहे हैं, वही राष्ट्र आगे बढ़े हैं जिनके भीतर आक्रांताओं का मुकाबला करने की क्षमता थी।’’
उन्होंने जवानों से कहा, ‘‘आपके इसी शौर्य को नमन करते हुये आज भारत के 130 करोड़ देशवासी आपके साथ मजबूती से खड़े हैं। आज हर भारतवासी को अपने सैनिकों की ताकत और शौर्य पर गर्व है। उन्हें आपकी अपराजेयता पर गर्व है।’’
प्रधानमंत्री ने कोविड-19 के दौरान चीन के वुहान से लोगों को बाहर निकाल कर लाने के भारत के प्रयासों का भी जिक्र किया, जहां से कोरोना वायरस फैलना शुरु हुआ था।
उन्होंने कहा, ''हमारी वायुसेना वुहान (चीन) से लोगों को बाहर लाने में आगे-आगे रही। कुछ ऐसे देश थे, जिन्होंने अपने नागरिकों को वहीं फंसा रहने दिया। हमने न सिर्फ अपने लोगों को बाहर निकाला बल्कि हमारे देश के वायु सैन्य कर्मियों ने दूसरे देशों के नागरिकों की भी मदद की।।''
मोदी ने कहा कि सैनिकों के बीच आने के बाद ही उनकी दिवाली पूरी होती है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं दिवाली पर खुद को आप से दूर नहीं रख सकता, इसीलिए मैं यहां आपके साथ हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जितना अधिक समय मैं आपके साथ बिताता हूं, देश की सेवा और रक्षा करने का मेरा संकल्प उतना मजबूत होता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आपका बलिदान देश को अनुशासन और सेवा की भावना सिखाता है।’’
प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई के लिए उठाए गए कदमों और आर्थिक गतिविधियों को पूरी तरह से दोबारा शुरू करने की कोशिशों का उल्लेख किया।
मोदी ने जवानों से कहा, ‘‘आज के दिन मैं आपसे तीन आग्रह करना चाहता हूं। पहला कुछ न कुछ नवीन (इनोवेट) करने की आदत को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाइए। दूसरा योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखिए। तीसरा अपनी मातृ, हिंदी और अंग्रेजी के अलावा, कम से कम एक जरूर सीखिए। आप देखिएगा, ये बातें आपमें एक नयी ऊर्जा का संचार करेंगी।''
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