नयी दिल्ली, 10 जून इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) ने कहा है कि ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म के लिए तंबाकू रोधी चेतावनियों को अनिवार्य करने के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नवीनतम कदम को लेकर अधिसूचना जारी किये जाने से पहले उद्योग के साथ परामर्श प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया गया।
आईएएमएआई ने नये मानदंडों के अनुपालन में ‘मूलभूत चिंताओं’ और ‘व्यावहारिक कठिनाइयों’ का जिक्र भी किया है।
उद्योग निकाय ने विषयवस्तुओं में ऐसी चेतावनियों को शामिल करने से जुड़ी व्यावहारिक असंभावना का उल्लेख किया है।
इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने आगाह किया है कि ये नियम उपभोक्ता के अनुभव को प्रभावित करेंगे और "रचनात्मकता और कलात्मक अभिव्यक्ति का गला घोंटेंगे।’’
नये-अधिसूचित नियम ओटीटी प्लेटफार्म के लिए तंबाकू रोधी चेतावनियों और अस्वीकरणों का प्रदर्शन उसी तरह से अनिवार्य बनाते हैं, जैसा सिनेमाघरों और टेलीविजन कार्यक्रमों में दिखाई जाने वाली फिल्मों में देखा जाता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2004 में संशोधनों को 31 मई को अधिसूचित किया है।
आईएएमएआई ने कहा है, "सर्वप्रथम हम यह उजागर करना चाहते हैं कि इन नियमों की अधिसूचना से पहले उद्योग के साथ कोई परामर्श प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।"
पिछली मिसाल का हवाला देते हुए कि कैसे उद्योग परामर्श की कमी ने पहले टेलीविजन और सिनेमा के लिए समान नियमों के कार्यान्वयन में देरी की थी, आईएएमएई ने कहा कि सहयोग की भावना से और पिछली गलतियों को दोहराने से बचने के लिए, "हम स्वास्थ्य मंत्रालय से ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट प्रोवाइडर (ओसीसीपी) के परामर्श से तंबाकू चेतावनी नियमावली-2023 की समीक्षा करने का अनुरोध करेंगे।’’
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