खेल की खबरें | मैं पावर हिटर नहीं लेकिन विराट और रोहित जैसे खिलाड़ियों से सीखने की कोशिश करता हूं: पुजारा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. टेस्ट विशेषज्ञ के रूप में चेतेश्वर पुजारा की प्रतिष्ठा के कारण पिछले कुछ साल में उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन तीसरे नंबर पर खेलने वाला यह भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों से सबक सीखने के बाद अब आगामी सत्र में चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) की ओर से छाप छोड़ने को बेताब है।
चेन्नई, चार अप्रैल टेस्ट विशेषज्ञ के रूप में चेतेश्वर पुजारा की प्रतिष्ठा के कारण पिछले कुछ साल में उन्हें इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने का मौका नहीं मिला लेकिन तीसरे नंबर पर खेलने वाला यह भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों से सबक सीखने के बाद अब आगामी सत्र में चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) की ओर से छाप छोड़ने को बेताब है।
कई वर्षों तक आईपीएल नीलामी में नहीं बिकने वाले पुजारा को इस साल सीएसके ने 50 लाख रुपये के उनके आधार मूल्य पर खरीदा और वह खेल के सबसे छोटे प्रारूप के प्रति बदली मानसिकता और रवैये के साथ खेलने के लिए तैयार हैं।
पावर हिटर (बड़े शॉट खेलने वाला खिलाड़ी) नहीं होने के कारण हमेशा पुजारा के स्ट्राइक रेट पर सवाल उठते रहे हैं और उन्होंने कहा कि वह इसमें सुधार के लिए राष्ट्रीय टीम के अपने कप्तान कोहली और उप कप्तान रोहित की तरह टाइमिंग पर निर्भर करेंगे।
पुजारा ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो’ से कहा, ‘‘जब बात स्ट्राइक रेट की आती है तो हां, मैं सहमत हूं कि मैं पावर हिटर नहीं हूं। लेकिन साथ ही आप विराट जैसे खिलाड़ियों से सीखते हैं। रोहित, वह पूरी तरह से पावर हिटर नहीं है लेकिन गेंद को सबसे अच्छी टाइमिंग के साथ मारने वाले खिलाड़ियों में से एक है जिन्हें सीमित ओवरों के प्रारूप में मैंने देखा है। ’’
यहां तक कि न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन से भी सीख ली जा सकती है क्योंकि वह सभी तरह के क्रिकेट शॉट खेलते हैं।
पुजारा ने कहा, ‘‘आप केन विलियमसन जैसे खिलाड़ियों से सीखते हो। यहां तक कि स्टीवन स्मिथ से भी। ये सभी सिर्फ अच्छे क्रिकेट शॉट खेलकर रन बनाते हैं और साथ ही कुछ नया करने की कोशिश भी करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी भी यही मानसिकता है कि अगर मुझे सफल होना है तो मुझे भी कुछ नया करना होगा लेकिन साथ ही आप सटीक क्रिकेट शॉट खेलकर भी रन बना सकते हो। आपको अपने शॉट को ताकतवर बनाने की जरूरत, मैं इससे इनकार नहीं करता लेकिन साथ ही मुझे लगाता है कि क्रिकेट की समझ ही आपका सबसे मजबूत पक्ष है। ’’
इस 33 साल के खिलाड़ी ने स्वीकार किया कि अपने करियर के शुरुआती चरण में उन्हें लगता था कि टी20 क्रिकेट की जरूरत के अनुसार खेल में बदलाव से उनका टेस्ट क्रिकेट प्रभावित होगा लेकिन अब ऐसा नहीं है।
पुजारा ने कहा कि उन्हें राहुल द्रविड़ की सलाह से भी मदद मिली।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे काफी समय पहले राहुल भाई से यह सलाह मिली थी लेकिन मैं अब भी इसका जिक्र करना चाहता हूं। उन्होंने कहा था कि अगर आप अलग अलग शॉट खेलने का प्रयास करोगे तो भी आपका स्वाभाविक खेल नहीं बदलेगा।’’
पुजारा का साथ ही मानना है कि अगर आप लाल गेंद के सफल खिलाड़ी हैं तो सीमित ओवरों के प्रारूप से सामंजस्य बैठाना मुश्किल नहीं होता।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 04, 2021 11:32 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

