नयी दिल्ली, 20 जून भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को दिल्ली सरकार से पूछा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को किस तरह वह आधिकारिक आवास मिला, जिसके लिए वह कथित तौर पर पात्र भी नहीं हैं।
भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है और इसके मुख्यमंत्री केवल ‘टाइप-7’ आवास के लिए पात्र हैं।
सचदेवा ने दावा किया कि आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, केजरीवाल को आवंटित बंगला उनके पात्रता मानकों से बहुत बड़ा है।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अभियंताओं को सतर्कता निदेशालय द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का हवाला देते हुए भाजपा नेता ने कहा, ‘‘हम जानना चाहते हैं कि बिना किसी उचित निविदा और बजटीय प्रावधानों के पीडब्ल्यूडी को मुख्यमंत्री बंगले का नवीकरण और विस्तार कार्य करने के लिए किसने कहा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पीडब्ल्यूडी ने शुरू में केवल बंगले के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव जारी किया था, लेकिन उन्होंने बिल्कुल नया बंगला बना दिया।’’
सचदेवा ने कहा कि पीडब्ल्यूडी ने ''बिना किसी स्वीकृति के'' केजरीवाल के आधिकारिक आवास के नवीकरण के बजट को 7.62 करोड़ से बढ़ाकर 33.20 करोड़ कर दिया
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