जरुरी जानकारी | आवास समितियां को दूरसंचार कंपनियों से परिसर में प्रवेश पर शुल्क लगाना बंद करना चाहिए : ट्राई

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नयी दिल्ली, 10 जून भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने कॉलोनी या आवासीय परिसरों में दूरसंचार सेवाप्रदाताओं के प्रवेश पर शुल्क लगाने के रेजिडेंट वेलफेयर समितियों (आरडब्ल्यूए) के व्यहार की कड़ी आलोचना की है।

एसोचैम के ‘डिजिटल : अगली क्रांति’ विषय पर आयोजित एक वेबिनार में ट्राई के चेयरमैन आर. एस. शर्मा ने कहा कि आवासीय परिसरों या कॉलोनियों या बहुमंजिला इमारतों में जब पानी और बिजली सेवाप्रदाताओं को बिना रोक-टोक प्रवेश करने छूट दी जाती है, तो फिर दूरसंचार सेवाप्रदाताओं के साथ इसे लेकर ‘भेदभावपूर्ण’ रवैया क्यों अपनाया जाता है?

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उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर ट्राई शहरी विकास मंत्रालय से भी बातचीत कर रहा है।

शर्मा ने कहा, ‘‘हमने अक्सर पाया है कि आरडब्ल्यूए या बिल्डर इत्यादि दूरसंचार सेवाप्रदाताओं को अपने परिसर में प्रवेश नहीं करने देते। या उसके लिए पहले से मनमानी शर्तें तय कर देते हैं। उनसे प्रवेश शुल्क वसूला जाता है।’’

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उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना होगा कि दूरसंचार से जुड़ा बुनियादी ढांचा भी उतना ही आवश्यक है, जितना कि बिजली-पानी। जब उनके सेवाप्रदाताओं को बेरोक-टोक आने की अनुमति है, तो दूरंसचार सेवाप्रदाताओंको भी होनी चाहिए। क्योंकि दूरसंचार कंपनियां सभी को बिना किसी भेदभाव के सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। वह इन परिसरों में रहने वालों से किसी सेवा का कोई विशष शुल्क नहीं लेती।

शर्मा ने जोर देकर कहा कि ऐसी ‘कुव्यवस्थाओं’ पर रोक लगनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ट्राई इस मामले में शहरी विकास मामलों के मंत्रालय के साथ बातचीत कर रहा है। ट्राई का सुझाव है कि दूरसंचार के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए इसे किसी इमारत के पूरा बनने पर मिलने वाले अनुमति पत्र की अनिवार्य शर्तों में जोड़ दिया जाए। किसी इमारत या कॉलोनी में संचार नेटवर्क से जुड़ी अहम बुनियादी जरूरतें पूरी होने के बाद ही उसे पूर्ण होने का प्रमाणपत्र जारी किया जाए।

शर्मा ने कहा कि मंत्रालय ने भी इस सुझाव पर सकारात्मक रुख दिखाया है।

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