नोएडा (उत्तर प्रदेश), एक जुलाई गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने पंजीकरण के नवीनीकरण और दमकल विभाग के अनापत्ति प्रमाणपत्र के बगैर जेवर क्षेत्र में संचालित हो रहे एक अस्पताल को शुक्रवार को सील कर दिया।
इस अस्पताल में भर्ती एक मरीज को देखने अपने परिवार के साथ आया छह साल का बच्चा परिसर में हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया था और डॉक्टरों को उसकी जान बचाने के लिए अंतत: उसके हाथ काटने पड़े थे। अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई इसी घटना की पृष्ठभूमि में हुई है।
जिले के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जेवर स्थित चौधरी मेडिकेयर अस्पताल को सील कर दिया गया है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. जे एस लाल ने कहा, ‘‘अस्पताल के दस्तावेजों की पड़ताल करने के बाद विभाग ने शुक्रवार को यह करवाई की। जांच में पता चला कि अस्पताल का पंजीकरण समाप्त होने के बावजूद उसका संचालन किया जा रहा था। साथ ही उसके पास दमकल विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र भी नहीं था।’’
गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा, ‘‘पीड़ित बच्चे को इलाज में हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। आला अधिकारियों से बातचीत कर बेहतर इलाज की व्यवस्था कराई जा रही है और मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद के लिए पत्र लिखा गया है।’’
गौरतलब है कि चौधरी मेडिकेयर में भर्ती बुआ से मिलने के लिए परिवार के साथ 23 जून को अस्पताल आया छह साल का माधव परिसर के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया था। उसे एम्स दिल्ली में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने के लिए उसके दोनों हाथ काट दिए थे। फिलहाल वह एम्स में भर्ती है।
माधव के पिता योगेंद्र चौहान ने बताया कि हाथ काटने के बावजूद बच्चे के शरीर में संक्रमण बढ़ रहा है और डॉक्टर फिर से उसकी सर्जरी करने की बात कह रहे हैं।
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