कोलंबो, 24 जनवरी श्रीलंका के लिए मार्च में स्थानीय चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती होगा क्योंकि देश गंभीर आर्थिक हालात का सामना कर रहा है। एक वरीष्ठ सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को यह बात कही।
कैबिनेट प्रवक्ता बंडुला गुणवर्धने ने संवाददाताओं से यहां कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान वाहनों के व्यापक इस्तेमाल के लिए सरकार ईंधन का कोटा बढ़ाने की हालत में नहीं होगी।
गुणवर्धने ने कहा, ‘‘हमने निर्वाचन आयोग और उच्चतम न्यायालय को सूचित किया है कि चुनाव कराना एक बड़ी चुनौती होगा।’’
उन्होंने कहा कि सरकारी कंपनी सिलोन विद्युत बोर्ड (सीईबी) और केंद्रीय परिवहन बोर्ड (चुनाव प्रक्रिया के दौरान जिसकी बसों का इस्तेमाल किया जाएगा) राजस्व घाटा और संसाधनों के नुकसान के कारण बहुत खराब स्थिति में हैं।
गुणवर्धन ने कहा कि सरकार वाहनों के लिए ईंधन का कोटा बढ़ाने में समर्थ नहीं होगी। फिलहाल श्रीलंका में प्रति वाहन हफ्ते में 20 लीटर पेट्रोल का कोटा प्रदान किया गया है।
श्रीलंकाई निर्वाचन आयोग ने शनिवार को ऐलान किया कि वह स्थानीय परिषद के चुनाव नौ मार्च को कराएगी। ये चुनाव पिछले साल मार्च में होने थे, लेकिन इसे अभूतपूर्व आर्थिक संकट के कारण टाल दिया गया था।
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