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देश की खबरें | जम्मू-कश्मीर में राष्ट्र ध्वज और संविधान के तहत ‘ऐतिहासिक’ विधानसभा चुनाव हो रहे : शाह

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का शनिवार को आश्वासन देते हुये कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद यह चुनाव जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय ध्वज और संविधान के तहत होने वाला पहला विधानसभा चुनाव है।

देश की खबरें | जम्मू-कश्मीर में राष्ट्र ध्वज और संविधान के तहत ‘ऐतिहासिक’ विधानसभा चुनाव हो रहे : शाह

जम्मू, सात सितंबर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव के बाद जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का शनिवार को आश्वासन देते हुये कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त किए जाने के बाद यह चुनाव जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय ध्वज और संविधान के तहत होने वाला पहला विधानसभा चुनाव है।

शाह ने कांग्रेस-नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) गठबंधन पर ‘‘पुरानी व्यवस्था’’ को पुनर्जीवित करने की कोशिशें करने और जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद तथा भ्रष्टाचार में धकेलने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार आतंकवाद को फिर से सिर नहीं उठाने देगी और गुर्जर, पहाड़ी, बक्करवाल तथा दलित समेत किसी भी समुदाय के साथ अन्याय नहीं होने देगी, जिन्हें भाजपा सरकार ने आरक्षण दिया है।

शाह 18 सितंबर से तीन चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के चुनाव प्रचार अभियान को मजबूती देने के वास्ते जम्मू के दो दिवसीय दौरे पर हैं।

उन्होंने शुक्रवार को दौरे के पहले दिन पार्टी का चुनाव घोषणापत्र जारी किया और प्रचार रणनीति पर चर्चा के लिए वरिष्ठ नेताओं के साथ दो अहम बैठकों की अध्यक्षता भी की।

गृह मंत्री ने दिल्ली रवाना होने से पहले शनिवार को यहां भाजपा कार्यकर्ताओं की एक रैली में कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर में आगामी चुनाव ऐतिहासिक हैं, क्योंकि आजादी के बाद यहां पहली बार हमारे राष्ट्र ध्वज व संविधान के तहत चुनाव हो रहे हैं, जबकि पहले दो ध्वज और दो संविधान के तहत चुनाव होते थे। हमारे पास कश्मीर से कन्याकुमारी तक केवल एक प्रधानमंत्री है और वह नरेन्द्र मोदी हैं।’’

नेकां-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधते हुए शाह ने आरोप लगाया कि वे एक बार फिर जम्मू-कश्मीर को ऐसे वक्त में आतंकवाद की आग में धकेलने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश में आतंकवादी घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी ला दी है।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, ‘‘नेकां और कांग्रेस कभी जम्मू-कश्मीर में सरकार नहीं बना पाएंगी, इसे लेकर आश्वस्त रहें।’’

शाह ने भाजपा कार्यकर्ताओं को अगली सरकार बनाने में पार्टी उम्मीदवारों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

शाह ने अपने आधे घंटे से अधिक के भाषण की शुरुआत भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित प्रेम नाथ डोगरा और बाबा दलीप सिंह मन्हास को श्रद्धांजलि अर्पित करके की और राष्ट्र को गणेश चतुर्थी और जैन समुदाय को पर्यूषण पर्व की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा, “यह चुनाव अनुच्छेद 370 की छाया से बाहर हो रहा है। इसका चमत्कार हम लोकसभा चुनाव में देख चुके हैं, जब 58.46 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, जबकि अतीत में दिल्ली में पिछली सरकारों द्वारा 10 प्रतिशत मतदान का जश्न मनाया जाता था।”

उन्होंने कहा, “यह लोकतंत्र की सबसे बड़ी सफलता है।” उन्होंने दोहराया कि जब तक आतंकवाद समाप्त नहीं हो जाता और शांति बहाल नहीं हो जाती, तब तक पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत नहीं होगी।

राज्य का दर्जा बहाल करने के विपक्ष के चुनावी वादे पर शाह ने कहा, “मैं फारूक अब्दुल्ला और राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि राज्य का दर्जा कौन बहाल करने जा रहा है। आप इसे वापस नहीं दे सकते। आप जनता को गुमराह क्यों कर रहे हैं?”

शाह ने कहा, “केंद्र सरकार और भाजपा तथा मैंने संसद में पहले ही कह दिया है कि हम विधानसभा चुनाव के बाद उचित समय पर राज्य का दर्जा बहाल करेंगे। उन्हें पांच और छह अगस्त (2019) का मेरा भाषण सुनना चाहिए।”

उन्होंने जेलों से “पत्थरबाजों और आतंकवादियों” को रिहा करने के वादे के लिए भी नेशनल कॉन्फ्रेंस की आलोचना की और आरोप लगाया कि उनका उद्देश्य जम्मू के शांतिपूर्ण पुंछ, राजौरी और डोडा जिलों में आतंकवाद को पुनर्जीवित करना है।

कश्मीर को आतंकवाद का दंश झेलना पड़ा है, क्योंकि वहां सरकारें अपनी आंखें मूंद लेती थीं और सत्ता में बैठे लोग भाग जाते थे।

भाजपा नेता ने कहा, “अगर नेकां-कांग्रेस सत्ता में लौटती हैं तो इसे आतंकवाद का फिर से उठना मानिए। जम्मू-कश्मीर, खासकर जम्मू को तय करना है कि उन्हें आतंकवाद चाहिए या शांति और विकास... जब भाजपा है तो कोई भी घुसपैठ करने की हिम्मत नहीं करता।”

उन्होंने कहा, “जब मोदी सरकार ने (2014 में) सत्ता संभाली थी, तो उसने आतंकवाद को वित्तपोषित करने वालों को जेल भेजकर उनके लिए विनाश का मार्ग प्रशस्त किया था। वे एलओसी पर निलंबित व्यापार को शुरू करने की बात कर रहे हैं, जिसका लाभ आतंकवाद को मिलेगा।”

स्वायत्तता प्रस्ताव के कार्यान्वयन के नेशनल कॉन्फ्रेंस के वादे का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि कोई भी शक्ति स्वायत्तता की बात नहीं कर सकती, क्योंकि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के कारण 40,000 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

जून 2000 में फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित कर राज्य में 1953 से पूर्व की संवैधानिक स्थिति बहाल करने की मांग की। हालांकि, तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अध्यक्षता वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे अस्वीकार कर दिया था।

शाह ने कहा, “मैं दीवार पर लिखी इबारत पढ़ रहा हूं कि नेकां और कांग्रेस कभी सरकार नहीं बना पाएंगे। ये वे लोग हैं जिन्होंने महाराजा हरि सिंह को निर्वासित होने पर मजबूर किया और उनकी मृत्यु के बाद केवल उनकी अस्थियां ही वापस लाई जा सकीं।”

नेकां, कांग्रेस और पीडीपी के खिलाफ अपना हमला जारी रखते हुए उन्होंने तीनों परिवारों पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

केंद्रीय गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि इन परिवारों द्वारा किया जा रहा भ्रष्टाचार पूरे देश के भ्रष्टाचार के बराबर है। उन्होंने कहा, “अगर उनके द्वारा लिया गया पैसा क्षेत्र के विकास के लिए उपयोग किया गया होता तो जम्मू-कश्मीर में कोई भी काम अधूरा नहीं रहता।”

शाह ने कहा कि भाजपा का लक्ष्य समग्र विकास है।

उन्होंने कहा, “मैं कश्मीर के युवाओं को याद दिलाना चाहता हूं कि आपने उन्हें सत्ता दी, लेकिन अब्दुल्ला और उनका परिवार आतंकवाद का सामना करने के बजाय इंग्लैंड भाग गया, जबकि युवा आतंकवाद की भेंट चढ़ गए, जिसे हमने मिटा दिया। आप जिसे चाहें वोट दें लेकिन उन्हें जिताएं नहीं क्योंकि उनका एजेंडा आतंकवाद को वापस लाएगा और विकास को रोक देगा।”

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(The above story first appeared on LatestLY on Sep 07, 2024 06:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).