शिमला, 23 अप्रैल पहलगाम आतंकी हमले के बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस ने पूरे राज्य में खासकर जम्मू-कश्मीर की सीमा से लगे चंबा और कांगड़ा जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी है।
इस हमले में 26 लोगों की जान चली गयी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मंगलवार के हमले के बाद अलर्ट रहना बिल्कुल स्वाभाविक है क्योंकि यह 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला है।
उन्होंने कहा कि पुलिस को जम्मू-कश्मीर से लगी सीमा पर निगरानी रखने को कहा गया है।
सुक्खू ने यहां जारी एक बयान में इसे ‘कायरतापूर्ण हरकत’ करार देते हुए कहा, ‘‘इस बेहद दुखद समय में हम मारे गए लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं। हम पीड़ितों के परिवारों और इस बर्बर कृत्य के प्रभावितों के साथ हैं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवारों को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। (मैं) घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’
पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सभी क्षेत्रीय इकाइयों को संवेदनशील क्षेत्रों, पर्यटन केंद्रों, बस स्टैंड, धर्मस्थलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी एवं गश्ती बढ़ा देने का निर्देश दिया गया है।
इसमें कहा गया है कि जिला पुलिस को अंतर-राज्यीय सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाने, वाहनों की नियमित जांच और पहचान सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
बयान में कहा गया है कि प्रवासी मजदूरों की आवाजाही पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, जबकि संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखी जाएगी। यह भी कहा गया है कि संवेदनशील स्थानों पर त्वरित कार्रवाई दल और तोड़फोड़ विरोधी जांच सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस ने कहा कि सभी थाना प्रभारियों को सतर्क रहने और राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए समाज के सभी वर्गों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।
इसके अतिरिक्त, सभी पुलिस अधीक्षकों को आकस्मिक योजनाओं की समीक्षा करने और उन्हें सुदृढ़ बनाने, प्रभावी संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने और किसी भी अप्रिय घटना से तत्काल निपटने के लिए तत्पर रहने का निर्देश दिया गया है।
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