नयी दिल्ली, 11 अक्टूबर भारत ने बुधवार को आगाह किया कि कच्चे तेल के ऊंचे दाम वैश्विक आर्थिक पुनरुद्धार को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, इसके साथ ही दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल उपभोक्ता देश ने भरोसा जताया कि वह मौजूदा भू-राजनीतिक संकट से निपटने में सक्षम है।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत इजराइल-हमास सैन्य संघर्ष पर करीबी निगाह रखे हुए है। इस संघर्ष का अब तक तेल की आपूर्ति शृंखलाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका वैश्विक आर्थिक पुनरुद्धार के प्रयासों पर बहुत गहरा और प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।’’
इजराइल और फलस्तीनी समूह हमास के बीच सैन्य संघर्ष छिड़ने के बाद सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तीन डॉलर प्रति बैरल से अधिक की बढ़ोतरी हुई थी। हालांकि, आपूर्ति में अड़चनों को लेकर चिंताएं कम होने से बाद में कच्चे तेल के दाम नीचे आ गए।
अभी अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट 87.18 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।
पुरी ने केपीएमजी के प्रमुख नवोन्मेषण एवं ऊर्जा सम्मेलन के 14वें संस्करण ‘एनरिच-2023’ को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक बाजार सभी चीजों को ध्यान में रखेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आपूर्ति शृंखलाएं बाधित नहीं होती हैं, तो उम्मीद है कि हम हर चीज से निपटने में सक्षम होंगे।’’
पुरी ने कहा कि अभी हम पश्चिम एशिया की स्थिति को देख रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे भरोसा है कि भारत इस स्थिति से निपटने में सक्षम है।’’
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