देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने डॉक्टरों के यातायात चालान माफ करने वाली याचिका पर सुनवाई से इंकार किया
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नयी दिल्ली, 15 जून दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को एक याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया जिसमें डॉक्टरों के संगठन ने कोविड-19 लॉकडाउन के दो चरणों के समय स्वास्थ्यकर्मियों सहित ‘‘सभी कोरोना योद्धाओं’’ के खिलाफ जारी ई-चालान माफ करने की मांग की गई थी।

दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील संतोष त्रिपाठी ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश डी. एन. पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने संगठन से कहा कि वे अपनी इस मांग के साथ यातायात पुलिस के पास जाएं कि गति सीमा के साइनबोर्ड लगाए जाएं और उल्लंघन करने वालों को इसकी तुरंत जानकारी दी जाए।

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पीठ ने कहा कि जब यातायात पुलिस के पास ज्ञापन देंगे तब संबंधित अधिकारी कानून के मुताबिक जितना जल्दी हो सके और व्यवहार्यता के मुताबिक इस पर निर्णय करेंगे।

इस निर्णय के साथ ही न्यायालय ने याचिका का निस्तारण कर दिया। याचिका में कहा गया था कि लॉकडाउन के दो चरणों के दौरान सभी यातायात सिग्नल काम नहीं कर रहे थे या ऑटो ब्लिकिंग मोड में थे और इसलिए ‘‘कथित यातायात उल्लंघन अनुचित और अकारण हैं।’’

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विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा है।

याचिका के मुताबिक यह संगठन दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन की जिला शाखा है, जिसने कहा कि केवल इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के आधार ई-चालान जारी किए गए।

यातायात चालान माफ करने के अलावा याचिका में गति सीमा के साइनबोर्ड लगाने के बारे में विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करने की भी मांग की गई।

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