देश की खबरें | उच्च न्यायालय ने पुलिस को मस्जिद से कुछ दूरी पर बैरीकेड लगाने के निर्देश दिए
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिया है कि दक्षिण पश्चिम दिल्ली स्थित 130 वर्ष पुरानी, बसंत नगर मस्जिद के प्रवेश द्वार से कम से कम दस मीटर की दूरी पर बैरीकेड लगाए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की बाधा नहीं आए।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह ने मस्जिद प्रशासन से भी कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बाहर की दुकानों पर भीड़ इकट्ठा नहीं हो जिससे सड़क पर चलने वाले लोगों को बाधा आए। यह सड़क वसंत विहार से गुड़गांव की तरफ जाती है।

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दिल्ली कैंट में राव तुला राम मार्ग पर स्थित मस्जिद के सचिव की याचिका पर यह आदेश पारित किया गया। याचिका में कहा गया कि पिछले वर्ष नवम्बर से प्रवेश द्वार पर बैरीकेड लगा दिए गए हैं और वहां तीन सिपाही तैनात कर दिए गए हैं जिससे श्रद्धालुओं को असुविधा होती है।

याचिका में दिल्ली पुलिस को वर्तमान स्थान से बैरीकेड हटाने और इसे मस्जिद के द्वार से कुछ मीटर आगे या पीछे करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया ।

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पुलिस ने उच्च न्यायालय में दावा किया कि बैरीकेड से मस्जिद का द्वार बाधित नहीं होता और पाया गया कि वसंत विहार से गुड़गांव जाने वाले यातायात में जांच नहीं हो पाती है और मस्जिद पृथक स्थान पर स्थित है।

इसने कहा कि इसी के मुताबिक बैरीकेड लगाया गया और मस्जिद के द्वार से करीब दस मीटर की दूरी पर एक चौकी भी बनायी गयी।

रिकॉर्ड और फोटोग्राफ देखने के बाद उच्च न्यायालय ने कहा कि पुलिस के बयान और दिल्ली वक्फ बोर्ड द्वारा पेश गूगल अर्थ चित्र में कुछ भिन्नता है।

उच्च न्यायालय ने कहा कि पुलिस को सुनिश्चित करना चाहिए कि बैरीकेड मस्जिद के प्रवेश द्वार से कम से कम दस मीटर की दूरी पर सड़क पर लगाया जाना चाहिए ताकि वहां श्रद्धालुओं को कोई बाधा महसूस नहीं हो।

अनधिकृत निर्माण या अतिक्रमण के बारे में पुलिस के आरोपों पर अदालत ने कहा कि अधिकारी कानून के मुताबिक कार्रवाई कर सकते हैं।

उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘मस्जिद प्रशासन सुनिश्चित करेगा कि मस्जिद इलाके में कोई अनधिकृत निर्माण या अतिक्रमण नहीं होगा और मस्जिद वाले इलाके का इस्तेमाल श्रद्धालु केवल नमाज अदा करने के लिए करेंगे।’’

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