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देश की खबरें | उच्च न्यायालय का जिला अदालतों, न्यायाधिकरणों को पूरे दिन डिजिटल सुनवाई वाले वेबलिंक चालू रखने का निर्देश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को यहां सभी जिला अदालतों और न्यायाधिकरणों को निर्देश दिया कि वे डिजिटल सुनवाई वाले वेबलिंक हर कार्य दिवस सुबह 10 बजे से चालू रखें ताकि वकीलों और वादियों को कोविड-19 महामारी के दौरान अपने मामलों के लिए डिजिटल तरीके से पेश होने में कोई परेशानी नहीं हो।

देश की खबरें | उच्च न्यायालय का जिला अदालतों, न्यायाधिकरणों को पूरे दिन डिजिटल सुनवाई वाले वेबलिंक चालू रखने का निर्देश

नयी दिल्ली, 20 जनवरी दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को यहां सभी जिला अदालतों और न्यायाधिकरणों को निर्देश दिया कि वे डिजिटल सुनवाई वाले वेबलिंक हर कार्य दिवस सुबह 10 बजे से चालू रखें ताकि वकीलों और वादियों को कोविड-19 महामारी के दौरान अपने मामलों के लिए डिजिटल तरीके से पेश होने में कोई परेशानी नहीं हो।

उच्च न्यायालय ने कहा कि वह अधीनस्थ अदालतों के सभी न्यायिक अधिकारियों से उम्मीद करता है कि वे डिजिटल या हाइब्रिड (मिश्रित) सुनवाई के लिए उसके आदेशों का अक्षरशः पालन करेंगे।

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने कहा, "हम उच्च न्यायालय में इसी व्यवस्था का पालन करते हैं और कोई कारण नहीं दिखता है कि अधीनस्थ अदालतों और न्यायाधिकरणों में इसका पालन क्यों नहीं होना चाहिए।"

उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद, हाइब्रिड और वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई की सुविधा की अनुमति देने के एक वकील के अनुरोध पर विचार नहीं करने को लेकर एक निचली अदालत की न्यायिक अधिकारी द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण पर पीठ ने आपत्ति जताई।

पीठ ने न्यायिक अधिकारी को डिजिटल सुनवाई में शामिल होने का निर्देश दिया और सवाल किया कि उस दिन उनकी अदालत का वेबलिंक क्यों नहीं खुला।

मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने कहा कि उन्हें उनके कर्मचारियों ने सूचित नहीं किया था कि डिजिटल सुनवाई के लिए वकील से ऐसा अनुरोध मिला है और अदालत के संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गयी है। अधिकारी ने कहा कि उन्होने अपनी अदालत के कर्मचारियों को वेबलिंक खोलने और ठीक 10 बजे लॉग इन करने के स्थायी निर्देश दिए हैं।

हालांकि, उच्च न्यायालय ने कहा कि अगर ऐसा था तो वह यह समझने में विफल रहा कि वकील को उस दिन डिजिटल सुनवाई के लिए लॉग इन करने में क्यों परेशानी हुयी।

पीठ ने कहा, "हम आपको और अन्य सभी को बताना चाहते हैं कि एक बार निर्देश दे दिया जाए तो आपको उनका पालन करना होगा और आपके पास कोई अन्य विकल्प नहीं है... हमने न्यायिक अधिकारी को बुलाया है और उनकी काउंसलिंग की है तथा उनसे कहा है कि उच्च न्यायालय के आदेशों का ईमानदारी से पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि आदेशों का पालन किया जाएगा।’’

पीठ ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है, इसलिए इस मुद्दे को अभी के लिए बंद किया जा रहा है।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 20, 2022 07:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).