देश की खबरें | डालीबाग मामले में मुख्तार अंसारी के बेटों की गिरफ्तारी पर उच्च न्यायालय ने लगायी रोक
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने बुधवार को बहुजन समाज पार्टी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के दो बेटों अब्बास अंसारी और उमर अंसारी के खिलाफ डालीबाग की एक सम्पत्ति पर निर्माण करने के मामले दर्ज प्राथमिकी पर विवेचना के दौरान उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है।
लखनऊ, 21 अक्टूबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने बुधवार को बहुजन समाज पार्टी के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के दो बेटों अब्बास अंसारी और उमर अंसारी के खिलाफ डालीबाग की एक सम्पत्ति पर निर्माण करने के मामले दर्ज प्राथमिकी पर विवेचना के दौरान उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है।
अदालत ने हालांकि दोनों को विवेचना में सहयेाग करने का आदेश दिया है।
यह भी पढ़े | कोरोना के मुंबई में आज 1609 नए केस मिले, 48 की गई जान: 21 अक्टूबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.
यह आदेश न्यायमूर्ति डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति संगीता यादव की पीठ ने अब्बास अंसारी और उमर अंसारी की याचिका पर पारित किया है।
याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं जेएन माथुर , एचजीएस परिहार और अरूण सिन्हा ने पक्ष रखा। माथुर ने तर्क दिया कि प्राथमिकी को पढ़ने से ही याचियों के खिलाफ प्रथमदृष्टया कोई अपराध नहीं बनता।
उन्होंने कहा कि जब अपराध करने की बात कही जा रही है तब तो याचियों का जन्म भी नहीं हुआ था और दुर्भावना के कारण यह प्राथमिकी लिखायी गयी है। वहीं महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिका पोषणीय नहीं है।
गौरतलब है कि 27 अगस्त, 2020 को हजरतगंज पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया था जिसमें कहा गया था कि याचियों ने डालीबाग जैसे पॉश इलाके में एक जमीन पर धोखाधड़ी करके लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) से निर्माण हेतु उसका नक्शा पास करा लिया था।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)