नयी दिल्ली, 24 अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय ने जापानी फार्मा कंपनी दाइची सैंक्यो को अदालत के रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा कराए गए 20.05 करोड़ रुपये वापस लेने की सोमवार को अनुमति दे दी।
उच्चतम न्यायालय द्वारा फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तकों-मलविंदर मोहन सिंह और शिविंदर मोहन सिंह के खिलाफ शुरू किए गए एक अवमानना मामले में शीर्ष न्यायालय के फैसले के बाद यह रकम जमा की गई थी।
उच्च न्यायालय ने रजिस्ट्रार जनरल को सत्यापन की प्रक्रिया के बाद रकम जारी करने के लिए तेजी से कदम उठाने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने कहा, ‘‘अर्जीकर्ता दाइची इस अदालत में जमा कराई गई पूरी रकम की निकासी की हकदार होगी और उच्चतम न्यायालय के 22 सितंबर 2022 के आदेश के संदर्भ में प्राप्त करेगी...।’’
अदालत का आदेश दाइची की एक अर्जी पर आया है। अर्जी में, शीर्ष न्यायालय के 2022 के आदेश के अनुपालन में उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा कराई गई रकम निकालने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था।
शीर्ष न्यायालय के आदेश में फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड के पूर्व प्रवर्तकों- मलविंदर सिंह और शिविंदर सिंह को अवमानना के एक मामले में छह महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी।
अवमानना कार्यवाही जापानी फर्म दाइची सैंक्यो कंपनी लिमिटेड द्वारा शुरू की गई एक कार्रवाई से संबंधित थी। कंपनी ने एक विदेशी अधिकरण द्वारा सिंगापुर में 29 अप्रैल 2016 को उसके (दाइची के) पक्ष में सुनाए गए फैसले को लागू करने का अनुरोध किया था।
दाइची द्वारा फोर्टिस-आईएचएच शेयर सौदे को चुनौती दिए जाने के बाद फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड के पूर्व प्रवर्तक अदालती कार्यवाही का सामना कर रहे थे।
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