IAF Helicopter Crash: दुर्घटनाग्रस्त के एक दिन बाद हेलीकॉप्टर का ब्लैक बॉक्स बरामद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एयर मार्शल के नेतृत्व में जांच की घोषणा की
तमिलनाडु में दुर्घटनाग्रस्त हुए भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर यानी ‘ब्लैक बॉक्स’ बृहस्पतिवार को बरामद कर लिया गया. बुधवार को हुई इस दुर्घटना में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य की मौत हो गयी.
IAF Helicopter Crash: तमिलनाडु में दुर्घटनाग्रस्त हुए भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर यानी ‘ब्लैक बॉक्स’ बृहस्पतिवार को बरामद कर लिया गया. बुधवार को हुई इस दुर्घटना में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य की मौत हो गयी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में घोषणा की कि एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में तीनों सेनाओं के एक दल द्वारा इस हादसे की जांच की जाएगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में एक बयान में कहा कि जांच चल रही है और दुर्घटना में अकेला बचा सैन्य कर्मी वेलिंगटन में जीवन रक्षक प्रणाली पर है। वेलिंगटन दुर्घटनास्थल से ज्यादा दूर नहीं है.
उधर, भारतीय तिरंगे में लिपटे ताबूतों में पार्थिव शरीर सेना के सुसज्जित ट्रकों में वेलिंगटन में मद्रास रेजीमेंटल सेंटर ले जाए गए। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, तमिलनाडु के मंत्रियों और पूर्व सैनिकों ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। पार्थिव शरीर बाद में सड़क मार्ग से करीब 70 किलोमीटर दूर कोयंबटूर ले जाए गए, जहां से उन्हें भारतीय वायु सेना के एक विशेष विमान में नयी दिल्ली ले जाया गया. प्राधिकारियों ने ब्लैक बॉक्स की तलाश का दायरा दुर्घटनास्थल से 300 मीटर दूर से बढ़ाकर एक किलोमीटर तक कर दिया था, जिसके बाद इसे बरामद कर लिया गया। फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर समेत दो बॉक्स एक स्थान से बरामद किए गए हैं। हादसे की वजह का पता लगाने के लिए इन्हें दिल्ली या बेंगलुरू ले जाया जा सकता है. यह भी पढ़े: Bipin Rawat Helicopter Crash: जनरल रावत की हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु पर पूर्वोत्तर में शोक की लहर
ब्लैक बॉक्स से बुधवार को पर्वतीय क्षेत्र में हुए इस हादसे से पहले के घटनाक्रम संबंधी अहम जानकारी मिलेगी। एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर के बुधवार को दुर्घटनाग्रस्त होने और आग लगने से उसमें सवार 63 वर्षीय रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य की मौत हो गयी. हादसे में केवल वायु सेना के ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ही जीवित बचे हैं। वह प्रतिष्ठित डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (डीएसएससी) में निदेशक हैं और उन्होंने सुलुर हवाई अड्डे पर जनरल रावत की अगवानी की थी जहां से वे हेलीकॉप्टर से वेलिंगटन रवाना हुए.
रक्षा मंत्री ने अपने बयान में कहा कि इस दुर्घटना में एकमात्र जीवित बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह वेलिंगटन के सैन्य अस्पताल में जीवन रक्षक प्रणाली पर हैं और उन्हें बचाने के लिये सभी प्रयास किये जा रहे हैं. उन्होंने संसद के दोनों सदनों में दिये गए अपने बयान में कहा, ‘‘ दुर्घटना की जांच के लिए एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में तीनों सेनाओं के एक दल द्वारा जांच किए जाने का आदेश दिया गया है और इस दल ने कल वेलिंगटन पहुंचकर जांच का काम शुरू कर दिया है।’’
वह सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को घटना के बारे में जानकारी देने के लिए बृहस्पतिवार को उनसे मुलाकात करेंगे. संसद के दोनों सदनों में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए कुछ पल का मौन रखा गया तथा उनकी मौत पर शोक व्यक्त किया गया। राज्यसभा के 12 सदस्यों के निलंबन के खिलाफ विपक्षी दलों ने अपना ‘धरना’ खत्म कर दिया और सिंह के बयान के बाद उन्हें श्रद्धांजलि देने के अनुमति नहीं देने के लिए सरकार की निंदा की. घटना की जानकारी देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा , ‘‘भारतीय वायु सेना के एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर ने पूर्वाह्न 11 बजकर 48 मिनट पर सुलुर हवाई अड्डे से वेलिंगटन के लिए उड़ान भरी थी। हेलीकॉप्टर को दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर वेलिंगटन में उतरना था। सुलूर वायु यातायात नियंत्रक का 12 बजकर 8 मिनट पर हेलीकॉप्टर से संपर्क टूट गया। बाद में कुन्नूर के पास जंगल में स्थानीय लोगों ने आग लगी देखी। मौके पर जाकर उन्होंने हेलीकॉप्टर को आग की लपटों से घिरा देखा जिसके बाद स्थानीय प्रशासन का एक बचाव दल वहां पहुंचा.
उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर में से लोगों को निकालकर यथाशीघ्र वेलिंगटन के सैन्य अस्पताल पहुंचाया गया। उन्होंने बताया कि जनरल रावत का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। दुर्घटना में जान गंवाने वाले अन्य सैन्य कर्मियों का अंतिम संस्कार भी उचित सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में हेलीकॉप्टर में सवार कुल 14 लोगों में से 13 की मृत्यु हो गयी जिनमें सीडीएस जनरल रावत और उनकी पत्नी मधुलिका रावत भी शामिल हैं.
सिंह ने बताया कि अन्य मृतकों में सीडीएस के रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर लखविंदर सिंह लिड्डर, सीडीएस के सैन्य सलाहकार एवं स्टाफ अफसर लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, विंग कमांडर प्रतीक सिंह चौहान, स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह, जूनियर वारंट अधिकारी राणा प्रताप दास, जूनियर अधिकारी अरक्कल प्रदीप, हवलदार सतपाल, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेन्द्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार और लांस नायक वीर साई तेजा शामिल थे.
उन्होंने यह भी बताया कि एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी को कल ही दुर्घटना स्थल पर भेज दिया गया था और उन्होंने वहां जाकर स्थिति का जायजा लिया. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जनरल रावत के असामयिक निधन पर शोक जताया और कहा कि देश ने एक कुशल योद्धा, एक बेहतरीन रणनीतिकार और एक अनुभवी नेता को खो दिया है. राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश ने सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही इस ‘‘दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण’’ हादसे का उल्लेख किया। जनरल रावत के लिए शोक संदेश पढ़ते हुए उन्होंने कहा कि सीडीएस का चार दशकों का एक शानदार सैन्य करियर रहा, जिस दौरान वह महत्वपूर्ण पदों पर रहे और 2016 में सेना प्रमुख बने.
वेलिंगटन में श्रद्धांजलि देने वालों में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन शामिल रहे. हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वालों में शामिल वायु सेना के स्क्वॉड्रन लीडर कुलदीप सिंह के राजस्थान में रहने वाले परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने झुंझुनूं जिले के घरडाना खुर्द गांव में उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी हैं. स्थानीय सरपंच उम्मेद सिंह राव ने बताया “ ग्रामीणों ने सिंह का अंतिम संस्कार गांव के महात्मा गांधी सरकारी विद्यालय के मैदान में करने का निर्णय लिया है। उनकी वहां प्रतिमा भी लगाई जायेगी। शिक्षा विभाग ने विद्यालय के मैदान में दाह संस्कार करने के लिये अपनी मंजूरी दे दी है.
स्क्वॉड्रन लीडर सिंह के पिता नौसेना से सेवानिवृत्त हुए हैं और उनके कई चचरे भाई भी अलग अलग सशस्त्र बलों में सेवारत हैं। उनके पिता और अन्य परिजन जयपुर में रहते हैं जबकि उनके अनेक रिश्तेदार अब भी इसी गांव में रहते हैं राव ने बताया, ‘‘पूरा गांव सिंह की अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने में लगा हुआ है। ग्रामीणों और उनके रिश्तेदारों ने विद्यालय के मैदान में अंतिम संस्कार करने का फैसला किया है। सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिये हजारों की संख्या में लोग गांव में एकत्रित होंगे. पंजाब का डोडे सोढियां गांव भी गम में डूबा हुआ है जहां के 35 वर्षीय नायक गुरसेवक सिंह की भी हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई। सिंह छुट्टी के बाद दो हफ्ते पहले ही काम पर लौटे थे.
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि सिंह के परिवार में उनके पिता कवल सिंह, पत्नी जसप्रीत कौर, बेटियां सिमरतदीप कौर (9), गुरलीन कौर (7) और बेटा फतेहदीप सिंह (3) शामिल हैं। सिंह के पांच भाई और दो बहनें भी हैं. ओडिशा के तालचेर के कृष्णचंद्रपुर गावं निवासी जूनियर वारंट अधिकारी राणा प्रताप दास (जेडब्ल्यूओ) की मृत्यु पर उनके रिश्तेदारों, दोस्तों एवं उन्हें जानने वाले लोगों ने शोक जताया। उनके परिवार के सदस्यों ने बताया कि वह पिछले 12 वर्षों से वायुसेना में सेवा दे रहे थे। दास के परिवार में उनके माता-पिता, पत्नी और एक बेटा है। उनके माता-पिता कृष्णचंद्रपुर गांव में रहते हैं और हृदय रोगी हैं.
देश के अन्य स्थानों पर भी लोगों ने जनरल रावत एवं अन्य सैन्यकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक गुरुद्वारे में सिख समुदाय एकजुट हुआ. मिर्जापुर के छात्रों एवं अहमदाबाद के लोगों ने हाथों में तिरंगा लिए हुए फूलों से ‘श्रद्धांजलि’ लिखी.
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 09, 2021 07:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

