Nepal Flash Floods: नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद भारत का बड़ा राहत मिशन; वायुसेना के C-130 और C-17 विमान तैयार, 100 से अधिक भारतीय लापता
पड़ोसी देश नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में भोटे कोशी नदी में आई अचानक विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता और बचाव अभियान की तैयारी शुरू कर दी है. इस आपदा में कम से कम 19 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 105 भारतीय पर्यटकों और 37 एनआरआई (NRI) सहित सैकड़ों लोग लापता हैं. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय वायुसेना के सी-130 और सी-17 विमान तंबू, कंबल, दवाइयां और राहत सामग्री लेकर उड़ान भरने के लिए तैयार हैं.
नई दिल्ली/काठमांडू: नेपाल (Nepal) के तिब्बत सीमा से सटे पर्वतीय क्षेत्रों में भोटे कोशी नदी (Bhote Koshi River) के अचानक उफान और जलप्रलय के बाद भारत ने अपने पड़ोसी देश की सहायता के लिए व्यापक राहत अभियान शुरू किया है. बाढ़ और भूस्खलन के कारण भारी जन-धन की हानि हुई है.
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायुसेना (IAF) के सी-130 (C-130) और सी-17 (C-17) परिवहन विमानों को आवश्यक राहत सामग्री के साथ तैयार किया गया है. बुधवार शाम 7 बजे सी-130 विमान राहत सामग्री लेकर रवाना होने के लिए निर्धारित है, जबकि गुरुवार सुबह 6 बजे सी-17 विमान उड़ान भरेगा. यह भी पढ़ें: Nepal Flash Floods: नेपाल के रसुवा में भोटे कोशी नदी की बाढ़ से भारी तबाही, 7 की मौत और कई लापता; राहत कार्य में जुटे 14 हेलिकॉप्टर
राहत सामग्री और एनडीआरएफ (NDRF) की टीम स्टैंडबाय पर
भारत सरकार नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए बड़े पैमाने पर आपातकालीन सामग्री जुटा रही है:
- राहत आपूर्ति: भारतीय विमानों के जरिए बड़ी संख्या में तंबू (Tents), कंबल, आपातकालीन दवाइयां, रेडी-टू-ईट भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री भेजी जा रही है। जरूरत पड़ने पर अर्थ-मूविंग मशीनें और बचाव उपकरण भी भेजे जाएंगे.
- NDRF बचाव दल: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की विशेष फ्लड रेस्क्यू टीम को पूरी तरह तैयार (Standby) रखा गया है. नेपाल सरकार से औपचारिक सहमति और समन्वय स्थापित होते ही इस टीम को प्रभावित इलाकों में रवाना किया जाएगा.
105 भारतीयों और 37 एनआरआई समेत 384 यात्री लापता
नेपाल टूरिज्म बोर्ड (NTB) के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ प्रभावित रसुवा और आसपास के क्षेत्रों से कुल 384 यात्री और पर्यटक लापता बताए जा रहे हैं:
- लापता लोगों में 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं.
- लापता विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय पर्यटक और 37 अप्रवासी भारतीय (NRI) शामिल हैं, जिनमें से कई कैलाश मानसरोवर यात्रा और ट्रैकिंग पर गए हुए थे.
भारतीय दूतावास ने जारी किए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर
काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों और उनके चिंतित परिजनों की सहायता व जानकारी के लिए 24x7 आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
- हेल्पलाइन नंबर: +977 985 131 6807
- अतिरिक्त नंबर: +977 970 910 7500
दूतावास स्थानीय प्रशासन, नेपाल सेना और बचाव एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है ताकि भारतीय नागरिकों का पता लगाकर उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की नेपाल के पीएम से बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी दी कि उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से टेलीफोन पर बात कर इस त्रासदी में हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया:
"नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह से बात की और बाढ़ के कारण हुई जनहानि पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. संकट की इस कठिन घड़ी में भारत के लोग नेपाल के अपने बहनों और भाइयों के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं. भारत नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है. हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए निकट समन्वय कर रही हैं."
IAF के C-130, C-17 और C-295 विमान नेपाल के लिए राहत सामग्री के साथ तैयार हैं.
The Indian Air Force has kept its transport aircraft fleet, including the C-17, C-130J and C-295, on standby for relief operations in Nepal due to flash floods there. A C-130 J transport aircraft is expected to take off with relief material to Nepal by late evening today: Sources
— ANI (@ANI) August 26, 2026
बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान, उत्तर भारत में भी अलर्ट
तिब्बत की ओर से आए अप्रत्याशित जलप्रवाह के कारण रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में कई गांव, सड़कें और पुल बह गए हैं, जबकि छह से अधिक प्रमुख जलविद्युत परियोजनाओं (Hydropower Projects) को नुकसान पहुंचा है.
त्रिशूली नदी के रास्ते यह जलप्रवाह भारत की ओर गंडक नदी में प्रवेश करने की संभावना को देखते हुए उत्तर प्रदेश के महराजगंज, कुशीनगर और बिहार के सीमावर्ती जिलों में भी स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं. राहत और तलाश अभियान युद्धस्तर पर जारी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 26, 2026 07:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

