नयी दिल्ली, 18 अप्रैल दिल्ली विधानसभा में पेश किए गए एक प्रस्ताव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं के बीच मंगलवार को सोशल मीडिया पर तीखी बहस हुई और दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे की कड़ी आलोचना की।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आबकारी नीति मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की पूछताछ के एक दिन बाद सोमवार को आरोप लगाया कि राजधानी वासियों को मुफ्त बिजली और अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं समेत अनेक जन कल्याण योजनाएं मुहैया कराने के लिए केंद्र उन्हें तथा उनकी सरकार को निशाना बना रहा है। केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दुरुपयोग कर दिल्ली सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है।
केजरीवाल ने विधानसभा के एक दिवसीय सत्र में प्रधानमंत्री का नाम लिये बगैर उनकी शैक्षणिक योग्यता पर एक बार फिर सवाल किया।
केजरीवाल ने एक काल्पनिक कहानी सुनाते हुए एक 'अशिक्षित' शासक के तहत बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के कारण लोगों से देश में शासन बदलने का आह्वान किया।
सत्र में प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया गया।
प्रस्ताव के अनुसार, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा ने लंबे समय तक आम आदमी पार्टी की तेज प्रगति और विस्तार को तथा पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की बढ़ती लोकप्रियता को अवरुद्ध करने का प्रयास किया है।’’
केजरीवाल ने गुजरात में अपनी पार्टी के नेता गोपाल इटालिया की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दावा किया कि इस प्रदेश में आम आदमी पार्टी के शानदार प्रदर्शन से भाजपा इतनी परेशान है कि उसका एकमात्र लक्ष्य आप को खत्म करना और उसके नेताओं को जेल भेजने का रह गया है।
इस बीच, आप के नेता गोपाल इटालिया और भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता हरीश खुराना के बीच टि्वटर पर तीखी बहस हुई।
इटालिया ने ट्वीट किया, ‘‘ बात ये है कि अनपढ़ जमात पार्टी को गुजरात चुनाव में पैसे और नफ़रत बेच कर अपनी सीट तो मिल गई है। लेकिन, आम आदमी पार्टी को शिक्षा, स्वास्थ्य के नाम पर पांच सीट व 40 लाख वोट कैसे मिल गए इस बात की बौखलाहट है। सारे अनपढ़ इस बात पर बौखलाए हैं कि ऐसे पढ़ाई लिखाई के नाम पर वोट मिलते रहेंगे तो उनका क्या होगा?’’
हरीश खुराना ने इटालिया पर पलटवार करते हुए कहा कि गुजरात चुनाव में जमानत जब्त होने के बाद भी केजरीवाल के अनुयायी ''बेचैन'' हैं।
खुराना ने दिल्ली विधानसभा में केजरीवाल के भाषण को लेकर कहा, ‘‘ कल हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ एक सिरफिरे मुख्यमंत्री ने अपनी खीझ निकालने के लिए, 20 मिनट की एक कहानी सुनाने के लिए दिल्ली की जनता के करोड़ों रुपये खर्च कर एक दिन का सत्र बुलाया। अरविंद केजरीवाल को कहीं जेल जाने का डर तो नहीं हैं?? ’’
सीबीआई ने आबकारी नीति मामले में रविवार को केजरीवाल से करीब नौ घंटे पूछताछ की थी।
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