प्रयागराज, 18 सितंबर हापुड़ में वकीलों पर पुलिस लाठीचार्ज की घटना से जुड़े मामले की सुनवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सोमवार को 12 अक्टूबर तक के लिए टाल दी। हालांकि, मुख्य न्यायाधीश प्रितिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी की पीठ ने राज्य के अधिकारियों द्वारा सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट से असहमति जताई और कहा कि सीआरपीसी की धारा 161 के तहत अधिवक्ताओं के बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल तिवारी ने अदालत के समक्ष दलील दी कि जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की जा रही है और ना ही अधिवक्ताओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसके अलावा, पुलिस ने महिला अधिवक्ता प्रियंका त्यागी की तहरीर ली है लेकिन उसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
अदालत ने कहा कि पीठ सभी पहलुओं पर विचार कर रही है और कोई अन्याय नहीं होगा। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 12 अक्टूबर, 2023 तय करते हुए कहा कि तब तक आगे की रिपोर्ट दाखिल कर दी जानी चाहिए।
पुलिस ने हापुड़ में 29 अगस्त को एक महिला अधिवक्ता और उनके पिता के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने का विरोध कर रहे अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज किया था।
बाद में प्रदेशभर के अधिवक्ता राज्य विधिज्ञ परिषद के आह्वान पर हड़ताल पर चले गए थे और 15 दिनों तक प्रदेश और इलाहाबाद उच्च न्यायालय में न्यायिक कार्य बाधित रहा।
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