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Health Survey: देश के 35 फीसदी पुरुषों ने कहा- गर्भनिरोधक अपनाना महिलाओं का काम

ताजा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) की रिपोर्ट के अनुसार करीब 35.1 प्रतिशत पुरुषों का मानना ​​है कि गर्भनिरोधक अपनाना "महिलाओं का काम " है जबकि 19.6 प्रतिशत पुरुषों का मानना ​​है कि गर्भनिरोधक का उपयोग करने वाली महिलाएं ‘स्वच्छंद’ हो सकती हैं.

Health Survey: देश के 35 फीसदी पुरुषों ने कहा- गर्भनिरोधक अपनाना महिलाओं का काम
प्रतिकात्मक तस्वीर (Photo Credits Pixabay)

Health Survey: राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) की रिपोर्ट के अनुसार करीब 35.1 प्रतिशत पुरुषों का मानना ​​है कि गर्भनिरोधक अपनाना "महिलाओं का काम " है जबकि 19.6 प्रतिशत पुरुषों का मानना ​​है कि गर्भनिरोधक का उपयोग करने वाली महिलाएं ‘स्वच्छंद’ हो सकती हैं.

एनएफएचएस -5 सर्वेक्षण में देश के 28 राज्यों और आठ केंद्रशासित प्रदेशों के 707 जिलों से करीब 6.37 लाख नमूना घरों में आयोजित किया गया। सर्वेक्षण में 7,24,115 महिलाओं और 1,01,839 पुरुषों को शामिल किया गया.

इस राष्ट्रीय रिपोर्ट में सामाजिक-आर्थिक सहित विभिन्न आधार पर आंकड़े मुहैया कराए गए हैं जिससे नीति निर्माण और प्रभावी कार्यक्रम कार्यान्वयन में मदद मिल सकती है. रिपोर्ट में कहा गया है कि चंडीगढ़ में सबसे अधिक 69 प्रतिशत पुरुषों का मानना है कि गर्भनिरोधक अपनाना महिलाओं का काम है और पुरुषों को इसके संबंध में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। वहीं केरल में सर्वेक्षण में शामिल 44.1 प्रतिशत पुरुषों के अनुसार गर्भनिरोधक का उपयोग करने वाली महिलाएं ‘स्वच्छंद’ हो सकती हैं. यह भी पढ़े: वर्ल्ड कॉन्ट्रासेप्शन डे: जानें गर्भनिरोध के कुछ आसान और कारगर तरीके

रिपोर्ट के अनुसार 55.2 प्रतिशत पुरुषों का कहना है कि अगर पुरुष कंडोम का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह ज्यादातर मामलों गर्भधारण नहीं होने देता है. सर्वेक्षण में शामिल पुरुषों में, करीब 64.7 प्रतिशत सिखों का मानना ​​था कि गर्भनिरोधक महिलाओं का काम है और पुरुषों को इस बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, जबकि सर्वेक्षण में शामिल हिंदुओं में यह संख्या 35.9 प्रतिशत और मुसलमानों के लिए 31.9 प्रतिशत थी. इसमें कहा गया है कि आय के साथ ही आधुनिक गर्भ निरोधकों का उपयोग भी बढ़ता है और कम आय वाले समूह में 50.7 प्रतिशत महिलाएं इसका उपयोग करती हैं वहीं उच्चतम आय वाले समूह में यह 58.7 प्रतिशत है.

आंकड़ों के अनुसार कामकाजी महिलाओं के आधुनिक गर्भनिरोधक का उपयोग करने की अधिक संभावना है क्योंकि ऐसी 66.3 प्रतिशत महिलाएं आधुनिक गर्भनिरोधक पद्धति का उपयोग करती हैं जबकि गैर-कामकाजी समूह में यह प्रतिशत 53.4 प्रतिशत है. पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया की कार्यकारी निदेशक पूनम मुतरेजा ने कहा कि यह रिपोर्ट उन तमाम सबूतों में से एक है जो साबित करता है कि विकास सबसे अच्छा गर्भनिरोधक है। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि महिला नसबंदी अब भी गर्भनिरोधक का सबसे लोकप्रिय तरीका बना हुआ है. उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि परिवार नियोजन की जिम्मेदारी महिलाओं पर ही बनी हुई है.

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(The above story first appeared on LatestLY on May 06, 2022 06:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).