देश की खबरें | हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री कोरोना संक्रमित, 15 दिन पहले ही परीक्षण टीके की पहली खुराक ली थी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कोविड-19 से बचाव के लिये दो खुराकों वाले स्वदेशी परीक्षण टीके ‘कोवैक्सीन’ की पहली खुराक लगवाने के 15 दिनों बाद हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शनिवार को कहा कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चंडीगढ़, पांच दिसंबर कोविड-19 से बचाव के लिये दो खुराकों वाले स्वदेशी परीक्षण टीके ‘कोवैक्सीन’ की पहली खुराक लगवाने के 15 दिनों बाद हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शनिवार को कहा कि वह कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं।

विज (67) ने कोविड-19 के खिलाफ भारत बायोटेक द्वारा विकसित किये जा रहे संभावित टीके कोवैक्सिन के तीसरे चरण के परीक्षण में पहला स्वयंसेवी बनने की पेशकश की थी। उन्हें 20 नवंबर को इसकी खुराक अम्बाला छावनी के सिविल अस्पताल में दी गई थी।

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उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ मैं कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया हूं और अम्बाला कैंट के सिविल अस्पताल में भर्ती हूं। जो लोग भी मेरे संपर्क में आए हैं, उन्हें जांच कराने की सलाह दी जाती है।’’

विज प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं।

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टीके के प्रभावी होने को लेकर व्यक्त की जा रही चिंताओं पर सफाई देते हुए भारत बायोटेक ने ट्विटर पर कहा कि नैदानिक परीक्षण दो खुराकों के कार्यक्रम पर निर्धारित हैं, पहला टीका लगने के 28 दिनों बाद दूसरा टीका लगाया जाता है। उसने कहा कि टीके के प्रभाव का निर्धारण दूसरी खुराक दिये जाने के दो हफ्ते बाद किया जाता है।

हैदराबाद स्थित टीका बनाने वाली कंपनी ने कहा, “कोवैक्सीन इस तरह तैयार की गई है कि दूसरी खुराक प्राप्त करने के दो हफ्ते बाद स्वयंसेवक का इस बीमारी से बचाव हो पाएगा। तीसरे चरण का परीक्षण एक ‘डबल ब्लाइंड’ अध्ययन है जहां स्वयंसेवक के टीका या प्रायोगिक औषध में से एक प्राप्त करने की 50 प्रतिशत गुंजाइश रहती है।”

कोविड टीका कैसे काम करता है, इस बारे में विशेषज्ञों को ज्यादा पता होने पर जोर देते हुए विज ने फोन पर ‘पीटीआई-’ से कहा, “मुझे बताया गया कि दूसरी खुराक के बाद एंटीबॉडी बनने लगती है और दूसरी खुराक पहली खुराक के 28 दिनों बाद दी जाती है। और, दूसरी खुराक के 14 दिनों बाद पूरी तरह से एंटीबॉडी बनती है । इसलिए यह पूरा चक्र 42 दिनों का होता है। इस अवधि में कोई सुरक्षा नहीं होती है।”

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