चंडीगढ़, तीन नवंबर हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार ने हरियाणा उपक्रम और रोजगार नीति (एचईईपी) 2020 के तहत बिजली शुल्क में 20 साल की छूट देने का निर्णय किया है।
उन्होंने कहा कि इससे पहले, छूट केवल 10 साल के लिये थी।
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चौटाला ने कहा कि इसके अलावा जो उद्योग स्थानीय युवाओं को रोजगार देंगे, उन्हें प्रति कर्मचारी 48,000 रुपये की सब्सिडी सात साल के लिये दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि निवेशकों को लाभ देने के लिये विशेष उपाय किये गये हैं। उन्हें माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के बदले 100 प्रतिशत निवेश सब्सिडी दी जाएगी।
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उप-मुख्यमंत्री ने एक बयान में कहा कि राज्य सरकार ने नीति में उद्योगों को धान और अन्य फसलों के अवशेष के प्रबंधन के लिये विशेष छूट देने की भी योजना बनायी है।
उन्होंने कहा कि एचईईपी के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया गया है और इसे जल्दी ही क्रियान्वित किया जाएगा।
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