विदेश की खबरें | हमास ने इजराइल-समर्थित 12 लड़ाकों को मारने का दावा किया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

इस घटना से कुछ घंटे पहले इजराइल समर्थित एक सहायता संगठन ने आरोप लगाया कि हमास ने उसके फलस्तीनी कर्मचारियों को ले जा रही एक बस पर हमला किया, जिसमें कम से कम पांच लोग मारे गए।

यासिर अबू शबाब के नेतृत्व वाली मिलिशिया ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने हमास पर हमला कर पांच चरमपंथियों को मार गिराया, लेकिन अपने नुकसान का ज़िक्र नहीं किया। साथ ही, मिलिशिया ने हमास पर सहायता कर्मियों को हिरासत में लेने और उनकी हत्या करने का भी आरोप लगाया।

हमले में मारे गए लोगों की पहचान और हमलों को लेकर दावों और प्रतिदावों की तुरंत पुष्टि नहीं की जा सकी है।

इजराइली सेना ने गाजा ह्यूमेनिटेरियन फाउंडेशन (जीएचएफ) के इस घटना से जुड़े बयान को अपने सोशल मीडिया पर साझा तो किया है, लेकिन उसने खुद इस मामले में कोई अलग विवरण नहीं दिया।

गाजा में जीएचएफ का मानवीय सहायता अभियान पहले ही विवादों और हिंसा से प्रभावित रहा है। पिछले महीने से शुरू हुए इस अभियान के दौरान, इजराइली सैन्य क्षेत्रों में बनाए गए खाद्य वितरण स्थलों की ओर बढ़ती भीड़ पर लगभग रोज गोलीबारी हो रही है, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए हैं।

इस सप्ताह के आरंभ में, प्रत्यक्षदर्शियों ने यह भी कहा कि अबू शबाब के चरमपंथियों ने जीएचएफ सहायता केंद्र की ओर जा रहे लोगों पर गोलीबारी की थी, जिसमें कई लोग मारे गए और घायल हो गए।

जीएचएफ ने बृहस्पतिवार तड़के जारी एक बयान में कहा कि हमास ने दक्षिणी शहर खान यूनिस के पास एक बस पर हमला किया, जिसमें दो दर्जन से अधिक स्थानीय फलस्तीनी सवार थे।

बयान में कहा गया, "हम इस जघन्य और जानबूझकर किए गए हमले की कड़ी निंदा करते हैं।" ये सहायता कर्मी थे। "

इसमें उन लोगों की पहचान स्पष्ट नहीं की गई और न ही ये बताया गया है कि क्या उस वक्त वे हथियारबंद थे।

इजराइल और अमेरिका का कहना है कि हमास को संयुक्त राष्ट्र द्वारा संचालित दीर्घकालिक प्रणाली से सहायता हड़पने से रोकने के लिए नई प्रणाली की आवश्यकता है। यह प्रणाली गाजा के सभी भागों में भोजन, ईंधन और अन्य मानवीय सहायता पहुंचाने में सक्षम है।

हमास ने इस नई सहायता प्रणाली को खारिज करते हुए चेतावनी दी है कि जो भी फलस्तीनी इजराइली सेना के साथ सहयोग करेगा, उसे मार दिया जाएगा।

बुधवार तड़के जिन 12 लोगों को मारने की बात सामने आई है, वह हमास द्वारा संचालित पुलिस बल की विशेष “सहम” इकाई द्वारा अंजाम दिया गया। हमास का कहना है कि यह इकाई लूटपाट पर नियंत्रण के लिए बनाई गई है।

इस इकाई ने मृतकों की वीडियो क्लिप जारी की है, जिसमें कई शव सड़क पर पड़े देखे जा सकते हैं।

कहा गया कि ये अबू शबाब समूह के लड़ाके थे, जिन्हें इज़राइल से सहयोग के आरोप में मारा गया।

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