एजेंसी न्यूज

प्रवासी कामगारों को बाजार दर से कम मेहनताना दे रहे एच-1बी नियोक्ता : रपट

इकॉनोमिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट की ‘एच-1बी वीजा और प्रचलित पारिश्रमिक स्तर’ रपट डेनियल कोस्टा और रॉन हीरा ने तैयार की है।

प्रवासी कामगारों को बाजार दर से कम मेहनताना दे रहे एच-1बी नियोक्ता : रपट

वाशिंगटन, छह मई फेसबुक, गूगल, एपल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी प्रमुख एच-1बी वीजा नियोक्ता कंपनियां प्रवासी कामगारों को बाजार दर से कम मेहनताना दे रही हैं। एक नए अध्ययन के अनुसार इसके लिए यह कंपनियां अमेरिकी श्रम विभाग के ‘एच-1बी कार्यक्रम’ का लाभ उठा रही हैं।

इकॉनोमिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट की ‘एच-1बी वीजा और प्रचलित पारिश्रमिक स्तर’ रपट डेनियल कोस्टा और रॉन हीरा ने तैयार की है।

रपट के अनुसार शीर्ष 30 एच-1बी वीजा धारक नियोक्ताओं में अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, वालमार्ट, गूगल, एपल और फेसबुक जैसी कंपनियां शामिल हैं। यह सभी एच-1बी वीजा नियमों के तहत काम करने वाले अपने प्रवासी कामगारों को स्थानीय एच-1बी कार्यक्रम का लाभ उठाकर बाजार दर से कम वेतन दे रही हैं। वह कम मेहनताने पर लोगों की नौकरियां भर रहे हैं।

अमेरिकी श्रम विभाग एच-1बी वीजा के तहत 60 प्रतिशत कामगारों को बाजार दर से कम मेहनताने पर काम करने के लिए प्रमाणित करता है। एच-1बी कार्यक्रम इसकी अनुमति देते हैं। श्रम विभाग के पास इसे बदलने का अधिकार है लेकिन ऐसा नहीं किया गया है।

वर्ष 2019 में 53,000 से अधिक नियोक्ताओं ने एच-1बी वीजा नियम का उपयोग किया। अमेरिका के नागरिक और आव्रजन विभाग ने 2019 में एच-1बी पर काम करने वालों की संख्या 3,89,000 तय की। इसमें प्रत्येक चार में से एक कामगार इन शीर्ष 30 एच-1बी नियोक्ताओं के यहां काम करता है।

इन 30 शीर्ष नियोक्ताओं में से भी आधे सीधे एच-1बी वीजाधारक कामगार को काम पर नहीं रखते हैं बल्कि थर्ड पार्टी (किसी और कंपनी को ठेका देकर) के आधार पर काम कराते हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

(The above story first appeared on LatestLY on May 06, 2020 01:54 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).