नयी दिल्ली, 11 अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय ने अगस्त में होने वाले दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (डीएसजीएमसी) के चुनावों के लिए नयी मतदाता सूची तैयार करने की विशिष्ट समय सीमा सुनिश्चित करने का मुख्य सचिव को निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा कि मतदान डीएसजीएमसी नियमों के अनुसार होगा।
उच्च न्यायालय ने दिल्ली के मुख्य सचिव को गुरुद्वारा निर्वाचन निदेशालय के लिए आवश्यक संख्या में कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि प्रक्रिया शीघ्र शुरू हो और डीएसजीएमसी चुनाव से पहले पूरी हो जाए।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा ने इस बात को ‘‘बहुत गंभीरता से’’ लिया कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद, दिल्ली में गुरुद्वारा वार्डों की नयी फोटोयुक्त मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
अदालत ने आठ अप्रैल के अपने आदेश में कहा, ‘‘दिल्ली के मुख्य सचिव यह सुनिश्चित करेंगे कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (मतदाताओं का पंजीकरण) नियम, 1973 के अनुसार 46 वार्डों की नयी फोटोयुक्त मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में संबद्ध अधिकारियों द्वारा एक विशिष्ट समयसीमा तय की जाए।’’
एस गुरमीत सिंह शंटी और एस परमजीत सिंह खुराना ने अदालत से अधिकारियों को सभी वार्डों के लिए नये सिरे से मतदाता सूची तैयार करने और उसे पूरा करने का निर्देश देने का अनुरोध किया।
याचिका में कहा गया है कि 2022 में अदालत के स्पष्ट निर्देश जारी करने के बावजूद, नयी मतदाता सूची तैयार नहीं की गई।
उच्च न्यायालय ने आठ अप्रैल को गुरुद्वारा निर्वाचन निदेशालय, उपराज्यपाल और अन्य को डीएसजीएमसी की चुनावी प्रक्रिया में सुधार के लिए लंबे समय से बरती जा रही निष्क्रियता पर चिंता जताने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया था।
मुख्य सचिव को चार सप्ताह के भीतर संबद्ध अधिकारियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया गया था, जिसके बाद बैठक के विवरण अदालत में दाखिल किए जाएंगे।
निदेशालय के वकील ने कहा कि नयी मतदाता सूची तैयार करने के लिए कम से कम 12 महीने का समय चाहिए।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील का विरोध किया और कहा कि 2022 के फैसले में दर्ज किए गए फोटोयुक्त नयी मतदाता सूची तैयार करने के लिए केवल पांच महीने की आवश्यकता है।
अदालत को बताया गया कि निदेशालय ने अभी तक नयी मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है और इस उद्देश्य के लिए अधिकारियों की तैनाती के वास्ते अनुरोध करने की प्रक्रिया में है।
मामले की अगली सुनवाई 20 मई को होगी।
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