गुजरात के मंत्री चूड़ास्मा ने अपना निर्वाचन रद्द किये जाने के फैसले को न्यायालय में दी चुनौती

गुजरात की विजय रूपाणी सरकार में कानून मंत्री भूपेन्द्र सिंह चूड़ास्मा ने अपनी अपील में उनके मामले का निबटारा होने तक अंतरिम राहत के रूप में उच्च न्यायालय के मंगलवार के आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया है।

जमात

नयी दिल्ली, 13 मई गुजरात के कानून मंत्री भूपेन्द्र सिंह चूड़ास्मा ने विधानसभा के लिये 2017 में अपने निर्वाचन को कदाचार के आधार पर अमान्य घोषित करने के उच्च न्यायालय के फैसले को बुधवार को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी।

गुजरात की विजय रूपाणी सरकार में कानून मंत्री भूपेन्द्र सिंह चूड़ास्मा ने अपनी अपील में उनके मामले का निबटारा होने तक अंतरिम राहत के रूप में उच्च न्यायालय के मंगलवार के आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया है।

उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि मतगणना के दौरान निर्वाचन अधिकारी ने डाक से मिले 429 मतों को ‘‘गैरकानूनी तरीके से अस्वीकार’’ किया जबकि इस चुनाव मे जीत का अंतर सिर्फ 327 मतों का ही था।

कांग्रेस के प्रत्याशी अश्विन राठौर ने विधानसभा चुनाव में ढोलकिया सीट से भाजपा प्रत्याशी चूड़ास्मा की 327 मतों से जीत को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

चूड़ास्मा ने उच्च न्यायालय का यह आदेश निरस्त करने का अनुरोध करते हुये इसे दोषपूर्ण बताया है। उन्होंने अपील में दलील दी है कि वह इस तथ्य को समझने में विफल रहा कि उनके प्रतिद्वन्दी कांग्रेस के प्रत्याशी राठौड़ ने इन मुद्दों के समर्थन में कोई भी भरोसेमंद और ठोस साक्ष्य नहीं पेश किया।

कानून मंत्री ने दलील दी है कि ऐसी स्थिति में राठौड़ विधानसभा की ढोलकिया निर्वाचन सीट पर हुये चुनाव में 14 दिसंबर, 2017 को निर्वाचित घोषित किये जाने के हकदार नहीं है।

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