देश की खबरें | भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिये ‘फेसलेस’ तकनीक का अधिकतम उपयोग करेगी गुजरात सरकार: रूपाणी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सोमवार को कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार दूर करने और शासन में पारदर्शिता लाने के लिये प्रौद्योगिकी के अधिकतम इस्तेमाल और भौतिक संपर्क रहित (फेसलेस) व्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है।
राजकोट, दो अगस्त गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने सोमवार को कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार दूर करने और शासन में पारदर्शिता लाने के लिये प्रौद्योगिकी के अधिकतम इस्तेमाल और भौतिक संपर्क रहित (फेसलेस) व्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री बनने के पांच साल पूरा होने पर आयोजित नौ दिवसीय समारोह के दूसरे दिन रूपाणी ने यहां उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतनेट परियोजना के तहत राज्य के गांवों में इंटरनेट सेवा का लाभ पहुंचाने में गुजरात अग्रणी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम के तहत नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठान में मदद करने के लिये तालुका और नगर पंचायत स्तर पर हर साल चार से पांच बार शिविर आयोजित किये जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत सरकार अब ‘ई-सेवा सेतु’ की दिशा में बढ़ रही है जिससे प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर लोगों को दैनिक आधार पर सेवाएं प्रदान की जा सकें।
रूपाणी ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार दूर कर शासन में पारदर्शिता लाने के लिये प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “इसलिए हम भौतिक संपर्क रहित (फेसलेस) व्यवस्था बनाने के लिये प्रौद्योगिकी के अधिकतम इस्तेमाल की योजना बना रहे हैं। इसके लिये, हमारी विभिन्न विभागों में सेवाओं को ऑनलाइन करने की दिशा में आगे बढ़ने की योजना है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हाल ही में गैर-कृषि भूमि अनुमोदन को ऑनलाइन किया है, जिससे भ्रष्टाचार दूर करने में मदद मिली है। उन्होंने दावा किया कि खदानों और खनिजों के लिए ई-निविदा जैसी दूसरी सेवाओं से भी भ्रष्टाचार में कमी आई है।
आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे के बाद रूपाणी सात अगस्त 2016 को गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे और 2017 के विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत के बाद भी वह इस पद पर बने रहे।
कार्यालय में पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित नौ दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन को ‘संवेदना दिवस’ के तौर पर मनाया गया जिसके तहत मुख्यमंत्री ने कोविड-19 की वजह से अपने माता-पिता को खोने वाले गुजरात के 978 बच्चों के बैंक खातों में चार-चार हजार रुपये (मासिक योजना के तहत) वित्तीय सहायता के तौर पर डाले।
उन्होंने महामारी के कारण अपने माता-पिता में से किसी एक की जान गंवाने वाले राज्य के 3963 बच्चों के लिये प्रति माह 2000 रुपये की सहायता संबंधी सरकारी योजना भी शुरू की।
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