अहमदाबाद, 29 अगस्त गुजरात सरकार ने अब असामाजिक गतिविधि रोकथाम (पासा) अधिनियम को साइबर अपराधियों, साहूकारों और यौन अपराधियों पर लगाने का निर्णय किया है।
इस कानून में आदी अपराधियों को एहतियाततन हिरासत में रखने का प्रावधान है ।
एक अधिकारी ने बताया कि गृहविभाग का भी कामकाज देख रहे मुख्यमंत्री विजय रूपाणी पासा अधिनियम, 1985 में संशोधन करने के लिए अध्यादेश का प्रस्ताव बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक में रखेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस संशोधन का लक्ष्य गुजरात की शांतिपूर्ण, सुरक्षित राज्य के रूप में पहचान बनाना है।
इस संशोधन का लक्ष्य ‘कमजोर तबकों के साथ शारीरिक हिंसा और धौंसपट्टी’ को भी उसके दायरे में लाना है।
फिलहाल यह कानून भादंसं, हथियार अधिनियम, अवैध शराब की बिक्री, जुआ, वेश्यावृति और गौहत्या जैसे अपराध शामिल हैं।
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