देश की खबरें | गुजरात: भाजपा और आप ने कई दलबदलुओं को टिकट दिया, कांग्रेस ने कहा निष्ठावान कार्यकर्ता पहली पसंद
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुजरात में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों को छोड़कर उनके साथ शामिल होने वाले कई नेताओं को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट देकर पुरस्कृत किया है, जबकि कांग्रेस ने 21 मौजूदा विधायकों सहित पार्टी के निष्ठावान पुराने नेताओं को ही तरजीह दी है।
अहमदाबाद, 11 नवंबर गुजरात में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों को छोड़कर उनके साथ शामिल होने वाले कई नेताओं को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट देकर पुरस्कृत किया है, जबकि कांग्रेस ने 21 मौजूदा विधायकों सहित पार्टी के निष्ठावान पुराने नेताओं को ही तरजीह दी है।
राज्य में 182 सीटों के लिए अगले महीने दो चरण में होने वाले चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और आप ने अब तक क्रमश: 160, 89 और 174 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है।
भाजपा की बृहस्पतिवार को जारी 160 उम्मीदवारों की सूची में 2017 विधानसभा चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस से इस्तीफा देकर पार्टी में शामिल हुए 20 में से नौ विधायकों को मैदान में उतारा है। उसने कांग्रेस के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष हार्दिक पटेल को भी टिकट दिया है।
हालांकि भाजपा ने पूर्व कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर और भावेश कटारा को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।
पार्टी ने 2017 से पहले भी कांग्रेस छोड़कर आये कुछ नेताओं को इस बार के विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी बनाया है। इनमें राघवजी पटेल (जामनगर ग्रामीण) और बलवंतसिंह राजपूत (सिद्धपुर) के नाम प्रमुख हैं।
राजपूत ने जुलाई 2017 में राज्यसभा चुनाव से पहले इस्तीफा दे दिया था और भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। राज्यसभा चुनाव में पार्टी निर्देशों के खिलाफ मतदान करने के लिए पटेल को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। वह 2017 के विधानसभा चुनाव में हार गए थे, लेकिन 2019 में जामनगर ग्रामीण सीट से तत्कालीन कांग्रेस विधायक वल्लभ धाराविया के इस्तीफा देने और भाजपा में शामिल होने के बाद खाली हुई सीट पर उपचुनाव जीत गये थे।
कांग्रेस की अब तक जारी 89 उम्मीदवारों की सूची में हाल में कोई प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल छोड़कर आए किसी नेता का नाम नहीं है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश ठाकोर ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारी पहली पसंद हमारे कार्यकर्ता हैं। सत्ताधारी दल से पीड़ित होने के बावजूद उसे चुनौती देने के लिए कांग्रेस को मजबूत करने वाले कार्यकर्ता ही पहली पसंद होंगे। अगर दूसरी पार्टी का कोई नेता कांग्रेस में शामिल होता है तो उसे टिकट नहीं दिया जाएगा, चाहे वह नेता कितना भी बड़ा क्यों न हो।’’
जगदीश ठाकोर ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा पूर्व कांग्रेस नेताओं को खड़े किये जाने में कोई हैरानी की बात नहीं है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह ध्यान रखते हुए अपनी रणनीति बनाई है। कांग्रेस छोड़कर गया एक भी नेता जीतने वाला नहीं है। भाजपा के अपने कार्यकर्ता उन्हें जीतने नहीं देंगे।’’
आप की 174 प्रत्याशियों की सूची दिखाती है कि उसने कांग्रेस, भाजपा और भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) छोड़कर आये कई नेताओं को अपना उम्मीदवार बनाया है।
आप ने पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता कैलाश गढ़वी को मांडवी से टिकट दिया है तो सूरत भाजपा के पूर्व अध्यक्ष पीवीएस शर्मा को सूरत जिले की मजुरा सीट से मैदान में उतारा है।
पूर्व कांग्रेस नेता और 2017 में पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके भरतसिंह वाखला को देवगढ़ बरिया से आप ने अपना प्रत्याशी बनाया है।
आम आदमी पार्टी ने बीटीपी की नर्मदा जिला इकाई के पूर्व अध्यक्ष चैतार वसावा को डेडियापाड़ा से मैदान में उतारा है, वहीं बीटीपी के पूर्व नेता प्रफुल्ल वसावा, जिन्होंने 2017 में आप में शामिल होकर नंदोड सीट से चुनाव लड़ा था और हार गये थे, पर इस चुनाव के लिए फिर से विश्वास जताया है।
मातर विधानसभा से दो बार भाजपा का प्रतिनिधित्व कर चुके केसरसिंह वाघेला शुक्रवार को आप में शामिल हुए और देखना होगा कि पार्टी उन्हें उम्मीदवारी का मौका देती है या नहीं। वाघेला को भाजपा ने इस बार टिकट नहीं दिया।
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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 11, 2022 06:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

