जरुरी जानकारी | मतदाताओं को लुभाने के लिये मुफ्त दिये जाने वाले सामानों पर नजर रखने को लेकर दिशानिर्देश जारी

नयी दिल्ली, 10 जुलाई केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने मतदाताओं को लुभाने के लिये मुफ्त में सामान, गलत तरीके से नकदी, शराब आदि दिये जाने के संदर्भ में निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अनुपालन करने को लेकर कर अधिकारियों के लिये विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। साथ ही इस संदर्भ में प्राप्त सूचना अन्य जांच एजेंसियों के साथ साझा करने को कहा है।

नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत जीएसटी और सीमा शुल्क अधिकारियों को संभावित मतदाताओं को लुभाने के लिये कूपन-आधारित या मुफ्त ईंधन अथवा नकदी दिये जाने पर भी नजर रखने की जरूरत होगी।

अधिकारी उम्मीदवारों और विभिन्न दलों के ईंधन की खपत पर नजर रखेंगे। साथ ही भोजन, होटल, पार्टी, टेंट हाउस आदि के खर्च पर ध्यान देंगे।

सीबीआईसी की तरफ से जारी विस्तृत मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) में कहा गया है कि माल एवं सेवा कर अधिकारी चुनाव वाले क्षेत्रों में रेस्तरां, फॉर्म हाउस, शादी-विवाह वाले स्थलों, मांस बेचने की जगहों की गहन जांच करेंगे।

विधानसभा चुनाव से पहले जारी एसओपी के अनुसार, जीएसटी और सीमा शुल्क अधिकारी सड़कों और जांच चौकियों पर वाहनों की गहन जांच के साथ अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिये गोदामों के सत्यापन के लिए ‘उड़न दस्ते’ के साथ ‘निगरानी दल’ भी स्थापित करेंगे।

उल्लेखनीय है कि इस साल पांच राज्यों... राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और मिजोरम... तथा अगले साल लोकसभा चुनाव होने हैं।

सीबीआईसी ने सीमा शुल्क और जीएसटी के मुख्य आयुक्तों और प्रधान महानिदेशकों से चुनाव आयोग के निर्देशों को लागू करने के लिये क्षेत्रीय अधिकारियों की तरफ से उठाये गये कदमों की बारीकी से नजर रखने को कहा है। खासकर मतदाताओं को लुभाने के लिये साड़ी, शर्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, किचन में उपयोग होने वाले सामान जैसे प्रलोभन के साथ नकदी के उपयोग पर नजर ध्यान देने को कहा गया है।

कर अधिकारियों को दैनिक आधार पर चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेजनी होगी।

एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि आरएफआईडी (रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) के साथ ई-वे बिल और ई-चालान जैसी डिजिटल पहल सीबीआईसी के लिये महत्वपूर्ण उपकरण हैं।

मोहन ने कहा, ‘‘चुनाव के दौरान गलत तत्वों को रोकने के लिये निर्वाचन आयोग के साथ सहयोग राष्ट्र हित में होगा।’’

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